नई दिल्ली [गौरव बाजपेई]। पटियाला हाउस कोर्ट में सजा पर बहस के दौरान यासीन मलिक के तेवर बदले हुए नजर आए। जहां 10 मई को सुनवाई के दौरान यासीन मलिक ने अपने ऊपर लगाए गए सभी आरोपों को स्वीकार कर लिया था। वहीं बुधवार को यासीन मलिक के तेवर बदले हुए नजर आए। टेरर फंडिंग मामले में दोषी ठहराए गए यासीन मलिक ने अदालत से कहा कि वह कभी भी हिंसात्मक गतिविधि में शामिल नहीं रहा। खुफिया एजेंसियों द्वारा लगाए गए आरोप सही नहीं है।

एजेंसी किसी भी आरोप सिद्ध नहीं कर सकती। इस पर न्यायाधीश प्रवीण सिंह ने यासीन मलिक से कहा कि उन्हें अपने ऊपर लगाए गए आरोपों के खिलाफ बात रखने का समय दिया गया था लेकिन उन्होने अपराध स्वीकार कर लिया। ऐसे में वह अब अपनी सजा कम कराने को लेकर बात रखें। इस पर यासीन मलिक ने कहा कि अदालत जो चाहे तय कर सकती है। हालांकि यासीन की तरफ से अदालत द्वारा नियुक्त न्याय मित्र ने मामले में न्यूनतम सजा के रूप में आजीवन कारावास की मांग की।

एनआइए ने कहा कश्मीरी पंडितों के पलायन के लिए जिम्मेदार है यासीन मलिक, सजा ए मौत की मांग:  पटियाला हाउस स्थित विशेष न्यायाधीश प्रवीण सिंह की अदालत में यासीन मलिक की सजा पर बहस के दौरान एनआइए ने कोर्ट को बताया कि आतंकी यासीन मलिक घाटी से कश्मीरी पंडितों के पलायन के लिए जिम्मेदार है। मलिक ने पाकिस्तानी संगठनों की मदद से न सिर्फ पैसे जुटाए और उन्ही पैसों की मदद से घाटी में पत्थरबाजी और आतंकी घटनाओं को अंजाम दिया। एनआइए ने कोर्ट से यासीन मलिक के लिए मृत्युदंड की मांग की।

इससे पहले कोर्ट ने 19 मई को सुनवाई करते हुए यासीन मलिक को दोषी करार दिया था और एनआइए को मलिक की आर्थिक स्थिति का आकलन करने का निर्देश दिया था। जिसमें एनआइए ने कोर्ट को बताया कि मलिक की मासिक आय 50 हजार रुपये प्रतिमाह है। इसके अलावा घाटी के अलग अलग स्थानों में उनके नाम पर जमीन भी है। यासीन मलिक के पूरे परिवार में कुल 12 सदस्य हैं।

  • 30 मई 2017- एनआइए ने दर्ज किया था एफआइआर
  • 22 फरवरी 2019- देर रात यासीन मलिक को गिरफ्तार किया
  • 16 मार्च 2022- एनआइए ने यासीन मलिक के खिलाफ विशेष अदालत में पेश की थी चार्जशीट
  • 10 मई 2022 - औपचारिक आरोप तय करने के दौरान यासीन मलिक ने न्यायिक प्रक्रिया का सामना करने से इंकार किया जिसे कोर्ट ने अपराध स्वीकार करने के तौर पर माना
  • 19 मई 2022- कोर्ट ने यासीन मलिक को आपराधिक साजिश, राष्ट्र के विरुद्ध युद्धोन्माद का प्रयास, आतंकी संगठनों से संलिप्त होने समेत सभी आरोपों में दोषी करार दिया
  • 25 मई2022- कोर्ट ने यासीन मलिक को दो अलग-अलग मामलों में उम्र कैद और 10.75 लाख रुपये का जुर्माना लगाया। कई अन्य मामलों में भी 10 वर्ष और पांच वर्ष की सजा सुनाई गई।

Edited By: Pradeep Chauhan