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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Feb 25, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

न चाकू न तलवार, आंखों में आंखें डालकर करते हैं शिकार

By Amit MishraEdited By:
Published: Sat, 25 Feb 2017 03:11 PM (IST)Updated: Sat, 25 Feb 2017 08:45 PM (IST)

गिरोह के सदस्य ने खुद को पुलिसकर्मी बताकर उसे गुमराह किया फिर बात करते-करते उसे उसे सम्मोहित कर उसके गहने लूट लिए।

न चाकू न तलवार, आंखों में आंखें डालकर करते हैं शिकार
न चाकू न तलवार, आंखों में आंखें डालकर करते हैं शिकार

नई दिल्ली [विनीत त्रिपाठी]। सुरक्षा के लिहाज से बेहद संवेदनशील लुटियन दिल्ली में ऐसा गिरोह सक्रिय है, जो न तो चाकू व हथियार और न ही रात में वारदात करता है। यह गिरोह दिन में आंखों में आंखें डालकर लोगों से लूटपाट कर फरार हो जाता है।

शातिर गिरोह ने एक बार फिर एक महिला को शिकार बनाया है। पहले तो गिरोह के सदस्य ने खुद को पुलिसकर्मी बताकर उसे गुमराह किया फिर बात करते-करते उसे उसे सम्मोहित कर उसके गहने लूट लिए। नई दिल्ली जिले में एक सप्ताह के अंदर इस तरह की दूसरी रिपोर्ट दर्ज की गई है। पुलिस को अब तक गिरोह के बारे में पता नहीं चल सका है।

ताजा मामला अतिसंवेदनशील क्षेत्र नार्थ एवेन्यू थाना क्षेत्र के गोल-मार्केट कालीबाड़ी मार्ग का है। बृहस्पतिवार को केंद्रीय आवासीय परिसर निवासी शुकला अपने बच्चे की दवा लेने के लिए नजदीक के ही मेडिकल स्टोर पर जा रही थीं। रास्ते में दो लोगों ने उन्हें रोका और कहा कि वे दिल्ली पुलिस से हैं। उन्हें इशारे से बताया कि साहब उन्हें बुला रहे हैं।

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शुकला ने मना किया तो पुलिसकर्मी उन्हें जबरन उस शख्स के पास ले गए। शुकला को उस व्यक्ति ने दिल्ली पुलिस का आइकार्ड दिखाते हुए कहा कि अपने गहने उतारकर पर्स में रख लें। इस दौरान उसने शुकला की आंखो में देखकर ऐसा सम्मोहित किया कि वह कुछ पल के लिए सब भूल गई। उन्होंने अपने सोने की 6 चूडि़यां उन्हें दे दीं।

जब शुकला की आंखों का अंधेरा छटा और उन्होंने अपने खाली हाथ देखे तो उनके होश उड़ गए। उन्होंने मंदिर मार्ग थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई। इस तरह की घटनाओं से स्थानीय नागरिकों मे खासा रोष है। उनका आरोप है कि दो दिन पहले भी बैंक से पैसे निकालने जा रही एक बुजुर्ग महिला को सम्मोहित कर पर्स से रुपये व गहने लेकर बदमाश फरार हो गए थे। स्थानीय लोगों का कहना है कि बढ़ती आपराधिक घटनाओं की शिकायत दिल्ली पुलिस से की गई, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। इलाके में सीसीटीवी कैमरे नहीं है, जिसके कारण बदमाश बेखौफ होकर वारदात को अंजाम दे रहे हैं।

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लेडी हार्डिंग अस्पताल में महिला को बनाया था शिकार

बदमाशों ने 18 फरवरी को मंदिर मार्ग थाना क्षेत्र में लेडी हार्डिंग अस्पताल में पहाड़गंज सी-255 निवासी सैमा खान को अपना शिकार बनाया था। अस्पताल में देवरानी को देखने गई सैमा खान को सुबह दस बजे गायनी इमरजेंसी वार्ड के पास दो लोग मिले। उन्होंने सैमा से कहा कि उनकी पत्नी की तबीयत खराब है और वह बाहर हैं। दोनों ने मदद मांगी।

सैमा उनके बहकावे में आकर बाहर चली गईं। इसके बाद दोनों ने सैमा की आंखों में देखकर उनसे कहा कि वे अपने गहने उन्हें दे दें। इस पर उन्होंने ढाई तोले की सोने की चेन व कान की बाली उतार कर उन्हें दे दिया। कुछ मिनट में जब सैमा होश में आईं तो दोनों वहां से गायब हो चुके थे। एक सप्ताह बाद भी पुलिस आरोपियों को पकड़ना तो दूर उनकी पहचान तक नहीं कर सकी है।