नई दिल्ली [संजीव गुप्ता]। तापमान बढ़ने पर कोरोना का कहर कम होगा या नहीं, यह कहना तो अभी मुश्किल है, लेकिन गर्मी के लिए अभी थोड़ा इंतजार और करना पड़ सकता है। पश्चिमी विक्षोभ के कारण गर्मी दो सप्ताह आगे बढ़ गई है। अब मार्च आखिर तक अधिकतम तापमान करीब 33 डिग्री सेल्सियस तक ही पहुंचने की संभावना है। 35 से 40 डिग्री सेल्सियस तापमान अप्रैल में ही पहुंचने की उम्मीद है। सर्दी के दिन अक्टूबर से फरवरी तक ही माने जाते हैं।

मार्च में तापमान बढ़ने लगता है। पिछले सालों पर गौर करें तो मार्च के शुरुआती दिनों में ही अधिकतम पारा 32 से 34 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचता रहा है। लेकिन इस बार यह 27 से 28 डिग्री सेल्सियस के आसपास ही पहुंचा है। यही नहीं, मार्च में अभी तक के ज्यादातर दिनों में यह सामान्य से भी कम रहा है। बीच-बीच में बारिश से यह नीचे भी पहुंच चुका है।

30 डिग्री सेल्सियस तापमान रहने की उम्मीद

स्काईमेट वेदर के मुताबिक जम्मू-कश्मीर की ओर पहाड़ी क्षेत्रों में बार- बार पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने के कारण इस बार गर्मी दो सप्ताह तक आगे खिसक गई है। पश्चिमी विक्षोभ के कारण ही शनिवार को भी हल्की बारिश होने की संभावना है। इससे एक दो दिन और अभी मौसम का मिजाज नरम ही रहेगा। इसके बाद तापमान कुछ बढ़ना शुरू होगा, 18 मार्च के आसपास अधिकतम तापमान 30 डिग्री सेल्सियस पहुंच सकता है, लेकिन 21 से 23 मार्च के बीच एक और पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने का पूर्वानुमान है।

23 मार्च से बढ़ेगी गर्मी

इससे एक बार फिर बूंदाबांदी एवं तापमान में कमी देखने को मिल सकती है। पश्चिमी विक्षोभ के बार-बार सक्रिय होने के कारण ही इस बार न ठीक से गर्मी पड़ रही है और न ही तापमान में ज्यादा वृद्धि हो रही है। ऐसे में 23 मार्च के बाद ही तापमान में इजाफा होने से मौसम गर्म होने की उम्मीद है।

 

Posted By: Mangal Yadav

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