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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jun 21, 2019 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

कश्मीर की ओर फिर सक्रिय हो रहा पश्चिमी विक्षोभ, पढ़िए- मौसम पर क्या होगा इसका असर

By JP YadavEdited By:
Published: Fri, 21 Jun 2019 08:10 AM (IST)Updated: Fri, 21 Jun 2019 08:29 AM (IST)

भारतीय मौसम विभाग (Indian Meteorological Department) के मुताबिक पश्चिमी विक्षोभ का असर अब खत्म हो गया है इसलिए अगले कुछ दिन गर्मी भरे होंगे।

कश्मीर की ओर फिर सक्रिय हो रहा पश्चिमी विक्षोभ, पढ़िए- मौसम पर क्या होगा इसका असर
कश्मीर की ओर फिर सक्रिय हो रहा पश्चिमी विक्षोभ, पढ़िए- मौसम पर क्या होगा इसका असर

नई दिल्ली, जेएनएन। Weather Update: दिल्ली और एनसीआर में आंधी और बारिश से मिली कई दिनों की राहत के बाद एक बार फिर गर्मी बढ़ने लगी है। भारतीय मौसम विभाग (Indian Meteorological Department) के मुताबिक, पश्चिमी विक्षोभ का असर अब खत्म हो गया है, इसलिए अगले तीन दिनों तक तापमान में इजाफा होगा। अधिकतम तापमान 40 जबकि न्यूनतम 27 डिग्री सेल्सियस से ऊपर जा सकता है। जहां तक शुक्रवार का पूर्वानुमान है तो आंशिक रूप से बादल छाए रहेंगे। अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस जबकि न्यूनतम 26 डिग्री सेल्सियस रहने की संभावना है।

दूसरी तरफ स्काईमेट वेदर के मुख्य मौसम विज्ञानी महेश पलावत ने बताया कि 23 जून को जम्मू कश्मीर की तरफ फिर से एक पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो रहा है। इसके प्रभाव से 24 और 25 को दिल्ली में भी आंधी चलने और बारिश होने की संभावना बन रही है।

तेज धूप और उमस ने किया लोगों को बेहाल

बृहस्पतिवार दिन भर तेज धूप और उमस ने दिल्ली वासियों को ज्यादा बेहाल किए रखा। अधिकतम एवं न्यूनतम तापमान में भी इजाफा देखा गया। शुक्रवार को भी कमोबेश यही स्थिति बनी रह सकती है। अब अगले सप्ताह ही कुछ राहत मिलने के आसार हैं।

पालम क्षेत्र में बृहस्पतिवार को अधिकतम तापमान 41.2 डिग्री सेल्सियस रहा। हालांकि मौसम विभाग ने औसत अधिकतम तापमान सामान्य स्तर पर 38.8 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान सामान्य से तीन डिग्री कम 25.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया। नमी का स्तर अधिकतम 79 और न्यूनतम 34 फीसद रिकॉर्ड किया गया।

गर्मी के साथ हो रही बिजली की अधिकतम मांग में बढ़ोतरी
साल दर साल बढ़ती गर्मी दिल्ली में बिजली की मांग भी तेजी से बढ़ा रही है। आलम यह है कि दिल्ली में लोग सात माह तक कूलर चलाने के लिए मजबूर हैं। अगर इसी हिसाब से एसी-कूलर चलते रहे तो दस सालों में ही बिजली की मांग बढ़कर दोगुनी हो जाएगी। चौंकाने वाला यह आंकड़ा सामने आया है सेंटर फॉर साइंस एंड एन्वायरमेंट (सीएसई) द्वारा बृहस्पतिवार को जारी मिडसमर नाइटमेयर रिपोर्ट में।

इस रिपोर्ट में कहा गया है कि 2018 के मुकाबले 2019 में बिजली की आपूर्ति 25 फीसद तक अधिक रही है। 2018 में अप्रैल से ही गर्मी शुरू हो गई थी, जबकि 2019 में गर्मी देर से शुरू हुई, लेकिन जब शुरू हुई तो रिकॉर्ड तोड़ गर्मी पड़ी।

रात में 12 से एक बजे के बीच सबसे ज्यादा खपत
रिपोर्ट में एक तथ्य यह सामने आया है कि दिल्ली वासी सबसे अधिक बिजली रात में 12 से एक बजे के बीच खर्च करते हैं। इस दौरान बिजली की अधिकतम मांग बढ़कर औसतन 450 मेगावाट तक पहुंच जाती है जबकि दोपहर तीन से चार बजे के बीच यह मांग 320 मेगावाट होती है। यह आंकड़ा सन 2018 का है। इतना ही नहीं, 1.5 टन के एसी को चलाने के लिए दिल्ली वासियों का बिजली बिल करीब पांच हजार रुपये मासिक आ रहा है, जबकि दिल्ली में देश की सबसे सस्ती बिजली उपलब्ध है।

रिपोर्ट बताती है कि एसी चलाने से घरों के अंदर तो ठंडक हो रही है, लेकिन बाहर गर्मी और बढ़ रही है। इसकी वजह से गलियों में रहने वाले लोगों की मुश्किलें बढ़ रही हैं। मौसम की मार के बीच लोग करीब सात माह तक एसी-कूलर का प्रयोग कर रहे हैं। इस वजह से बिजली 120 फीसद तक अधिक खर्च हो रही है।

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