राज्य ब्यूरो, नई दिल्ली। राजधानी में यमुना का जल स्तर लगातार बढ़ रहा है। इस वजह से पुराने लोहे वाले पुल के पास यमुना का जल स्तर खतरे के निशान से एक मीटर अधिक 206.34 मीटर के स्तर पर पहुंच गया है। मंगलवार देर रात को यह 206.50 मीटर के स्तर को पार कर जाएगा। इस वजह से पुराने लोहे वाले पुल को बंद कर दिया गया है। लिहाजा, इस पुल से वाहनों व ट्रेनों का आवागमन ठप हो गया है। वहीं यमुना बाजार और इसके आसपास की कालोनियों की घरों में बाढ़ का पानी घुस गया है। इससे यमुना के आसपास रहने वाले लोगों की परेशानी बढ़ गई है।

यमुना का जल स्तर खतरे के निशान के पार

मालूम हो कि हरियाणा के हथनी कुंड बैराज से भारी मात्रा में पानी छोड़े जाने के कारण सोमवार रात करीब नौ बजे यमुना का जल स्तर खतरे के निशान (205.33 मीटर) को पार करके 205.65 मीटर तक पहुंच गया था। इसके बाद मंगलवार को दिन में जल स्तर 206 मीटर के स्तर को पार कर गया। सिंचाई व बाढ़ नियंत्रण विभाग ने बचाव कार्य के लिए 38 बोट तैनात किए हैं।

डीडीएमए ने बंद किया वाहनों का आवागमन

यमुना का जल स्तर बढ़ने के कारण दिल्ली आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (डीडीएमए) की टीम ने दोपहर करीब पौने एक बजे एहतियातन लोहे वाले पुल के दोनों तरफ बैरिकेड लगाकर वाहनों का आवागमन बंद करा दिया। इसके बाद शाम 4:17 बजे रेलवे ने भी इस पुल से ट्रेनों का आवागमन भी अगले आदेश तक बंद कर दिया।

हालांकि, पिछले दिन की तुलना में हथनी कुंड बैराज से यमुना में पानी छोड़न कम हो गया है।

1978 में यमुना का जल स्तर पहुंचा था रिकॉर्ड स्तर पर

सोमवार को दोपहर करीब तीन बजे तक हथनी कुंड बैराज से हर घंटे दो लाख क्यूसेक से अधिक पानी छोड़ा गया था मंगलवार को रात एक बजे सबसे अधिक करीब एक लाख 10 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा गया। लेकिन अब 50 क्यूसेक से भी कम पानी छोड़ा जा रहा है। वर्ष 1978 में यमुना का जल स्तर रिकार्ड 207.49 मीटर के स्तर पर पहुंच गया था। इसके बाद 2013 में यमुना का जल स्तर 207 मीटर से अधिक 207.32 तक पहुंचा था।

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Edited By: Sonu Gupta

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