नोएडा (जेएनएन)। जेवर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के लिए जमीन अधिग्रहण का कार्य जल्द शुरू कराने के लिए प्रदेश सरकार एक हजार करोड़ रुपये का अनुपूरक बजट जारी करेगी। जमीन अधिग्रहण के लिए तीन हजार करोड़ रुपये की पूंजी हुडको से ऋण के माध्यम से जुटाई जाएगी।

बुधवार को लखनऊ में हुई बैठक में इस पर सहमति बन गई है। जेवर में अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के निर्माण को लेकर रकम जुटाने का पेंच फंसा हुआ था। बुधवार को शासन ने इसका रास्ता साफ कर दिया।

औद्योगिक विकास कमिश्नर (आइडीसी) डा. अनूप चंद पांडे की अध्यक्षता में हुई बैठक में जेवर हवाई अड्डे से जुड़े कई अहम मुद्दों पर सहमति बनी। हवाई अड्डे के लिए जमीन अधिग्रहण की कार्रवाई जल्द शुरू कराने के लिए एक हजार करोड़ रुपये का अनुपूरक बजट जारी किया जाएगा।

हालांकि हवाई अड्डे के लिए पहले चरण में साढ़े बाहर सौ हेक्टेयर जमीन अधिग्रहीत होनी है। इसके लिए तीन हजार करोड़ रुपये की जरूरत है।

बैठक में यमुना प्राधिकरण को सरकार की गारंटी पर ऋण लेने का प्रस्ताव रखा गया था, लेकिन प्राधिकरण की ओर से बैठक में मौजूद ओएसडी शैलेंद्र भाटिया ने कहा कि प्राधिकरण पहले से ही कर्ज में दबा है। इसलिए वह और ऋण का बोझ सहने की स्थिति में नहीं है।

इसके बाद हुडको से तीन हजार करोड़ रुपये ऋण लेने का फैसला लिया गया। आइडीसी ने उड्डयन निदेशालय को इसका प्रस्ताव सैद्धांतिक मंजूरी के लिए कैबिनेट के सामने रखने के निर्देश दिए। कैबिनेट से मंजूरी मिलने के बाद हुडको से ऋण लेकर जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया में तेजी लाई जाएगी।

संशोधित तकनीकी आर्थिक फिजिबिलिटी रिपोर्ट तैयार कराने के लिए निविदा जारी होने के 21 दिन के अंदर एजेंसी के चयन को लेकर भी सहमति बनी है। इससे रिपोर्ट तैयार करने में लगने वाले समय की बचत होगी। 

Posted By: JP Yadav

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