नई दिल्ली, [संजीव कुमार मिश्र]। कोरोना की दूसरी लहर से जूझ रहे दिल्ली विश्वविद्यालय ने तीसरी लहर के लिए अभी से कमर कस ली है। दूसरी लहर से सबक लेते हुए एहतियातन कई कदम उठाए जाएंगे। इनमें आक्सीजन प्लांट लगाने से लेकर आक्सीजन कंसंट्रेटर की खरीदना और आइसोलेशन सेंटर की व्यवस्था शामिल है। डीयू 500 से अधिक पल्स आक्सीमीटर भी खरीदने की तैयारी कर रहा है।

कोविड सेंटर खोले जाएंगे

डीयू प्रशासन ने बताया कि वर्तमान में दीन दयाल उपाध्ययाय व लक्ष्मीबाई कालेज में आइसोलेशन सेंटर खोले गए हैं। लक्ष्मीबाई में 100 बेड का आइसोलेशन सेंटर मौजूद है। तीसरी लहर के संभावित खतरे से निपटने के लिए डीयू छात्रावासों व स्टेडियम में कोविड सेंटर खोलेगा। जानकी देवी मेमोरियल कालेज, हंसराज कालेज के छात्रावास में 100-100 बेड के कोविड सेंटर खोले जाएंगे। डीयू परिसर स्थित एक छात्रावास में भी 200 बेड का कोविड सेंटर बनाने की योजना है।

आक्सीजन प्लांट लगाएगा डीयू

दिल्ली विवि परिसर में आक्सीजन प्लांट लगाने की तैयारी कर रहा है। डीयू प्रशासन ने बताया कि कोरोना की दूसरी लहर में आक्सीजन प्लांट की काफी कमी खली। इससे सबक लेते हुए आक्सीजन प्लांट लगाने की तैयारी शुरू कर दी गई है। आक्सीजन प्लांट से प्रतिदिन 80 मेडिकल सिलेंडर भरे जा सकेंगे। डीयू इसके लिए प्रेशर स्विंग एडसरप्शन (पीएसए) तकनीक इस्तेमाल करेगा, जो बहुत किफायती है। अमुक तकनीक से लैस आक्सीजन प्लांट सुरक्षित भी हैं और इनके अनुमति की प्रक्रिया भी सरल है। इस बाबत कई सेवा प्रदाताओं से डीयू की बातचीत चल रही है। डीयू ने कहा कि आक्सीजन प्लांट लगने से इमरजेंसी की स्थिति में डीयू अपने शिक्षकों को सिलेंडर की आपूर्ति कर सकेगा। यही नहीं, डीयू अपने स्वास्थ्य केंद्र में जांच संबंधी सुविधाएं भी बढ़ाएगा। कई पैथ लैब कंपनियों से करार की प्रक्रिया अंतिम चरण में हैं।

240 आक्सीजन कंसंट्रेटर खरीदे जाएंगे

वर्तमान में डीयू के पास 120 आक्सीजन कंसंट्रेटर हैं। डीयू ने कहा है कि सभी छात्रावासों व कालेजों को ध्यान में रखते हुए प्रति यूनिट कम से कम दो आक्सीजन कंसंट्रेटर होने चाहिए। इसे देखते हुए 240 आक्सीजन कंसंट्रेटर खरीदे जाएंगे। इनकी क्षमता 10 लीटर प्रति मिनट आक्सीजन प्रवाह की होगी। डीयू छात्रावासों में छात्रों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए 500 पल्स आक्सीमीटर और 100 थर्मल स्कैनर भी रखना आवश्यक है।

कोरोना संक्रमण के मद्देनजर उठाए गए कदम

-कैंपस में कोरोना के निपटने के लिए टास्क फोर्स गठित।

-किसी भी तरह के समूह एकत्रित करने, धरना व, प्रदर्शन पर रोक।

-चिकित्सकों की एक टीम गठित की गई है।

-आनलाइन काउंसलिंग सुविधा उपलब्ध।

-छात्रों की पढ़ाई बाधित न हो, इसलिए ओपन बुक परीक्षा आयोजित की गई।

-टीचर वेलफेयर फंड सक्रिय किया गया।

-शिवाजी कालेज में टीकाकरण केंद्र शुरू किया गया।

-वल्लभ भाई पटेल चेस्ट संस्थान में कोरोना जांच की सुविधा।

आनलाइन कक्षाओं में छात्रों की उपस्थिति रही कम

डीयू ने चार मई को आनलाइन कक्षाएं स्थगित कर दी थी। कोरोना संक्रमण के बढ़ते मामलों के चलते 16 मई तक कक्षाएं स्थगित की गई थी। सोमवार से आनलाइन कक्षाएं दोबारा शुरू हुई। हालांकि पहले दिन अपेक्षाकृत कम संख्या में छात्र शरीक हुए। डीयू ने बताया कि प्रत्येक शिक्षक ने एक वाट्सएप ग्रुप बनाया है, जिसमें वे अपनी कक्षाओं से संबंधित जानकारी साझा करते हैं। रविवार शाम ही छात्रों को आनलाइन कक्षाओं के शुरू होने की जानकारी दे दी गई थी। हालांकि कई विषयों की कक्षाओं में इक्का दुक्का छात्र ही उपस्थित हुए।