नई दिल्ली, जागरण संवाददाता। पूर्वी दिल्ली की जनता के साथ संवाद को और बेहतर करने के उद्देश्य से पूर्वी दिल्ली नगर निगम ने अपना आधिकारिक यूट्यूब चैनल शुरू कर दिया। इस चैनल के माध्यम से निगम की गतिविधियों, कार्यक्रमों और जागरूकता संबंधी सामग्री का प्रचार-प्रसार किया जाएगा। साथ ही विधायी और कार्यकारी पक्ष के संदेशों को भी इस चैनल पर प्रसारित किया जा सकेगा।

सोशल मीडिया संचार का आसान और रचनात्मक माध्यम

निगम की आयुक्त डॉ. दिलराज कौर ने बताया कि सोशल मीडिया संचार का आसान और रचनात्मक माध्यम है और यूट्यूब वीडियो इसमें एक अहम टूल है। पूर्वी दिल्ली नगर निगम स्वच्छता, स्वास्थ्य और शिक्षा जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में प्रशंसनीय कार्य कर रहा है। इन क्षेत्रों में सरकारी निकायों की जितनी भूमिका है, उतनी ही भूमिका जनसहभागिता की भी है। सरकारी अभियानों में जागरूकता से जनसहभागिता बढ़ाई जा सकती है। सोशल मीडिया इस दिशा में अहम टूल साबित हो रहा है।

बहुत सारी गतिविधियां नहीं हो पाती कवर

निगमायुक्त ने कहा कि पूर्वी दिल्ली नगर निगम की बहुत सारी गतिविधियां इलेक्ट्रॉनिक और प्रिंट्र मीडिया में कवर नहीं हो पातीं, इन गतिविधियों का यूट्यूब के माध्यम से प्रसार किया जाएगा। यूट्यूब चैनल से स्वच्छता को लेकर जागरूकता फैलाई जाएगी, जिससे निगम की स्वच्छता अभियान की रैंकिंग में और सुधार होने की उम्मीद है।

लॉकडाउन में पार्किंग का हाल बेहाल

इधर, पार्किंग ठेकेदारों के दबाव में आकर पूर्वी दिल्ली नगर निगम ने मासिक किराये में रियायत दी है। जिससे निगम को 40 लाख रुपये का नुकसान उठाना पड़ेगा।  पार्किंग ठेकेदार लगातार दबाव बना रहे हैं कि उनका किराया पूरी तरह से माफ किया जाए, क्योंकि लॉकडाउन के दौरान उन्हें कोई काम नहीं मिला है। हालांकि निगम अधिकारियों का कहना है कि लॉकडाउन में भी पार्किंग का काम चलता रहा है।

पूर्वी दिल्ली में 68 पार्किंग स्थल

पूर्वी दिल्ली नगर निगम में वर्तमान समय में 68 पार्किंग स्थल हैं। जिनमें से 17 व्यवसायिक इलाके में हैं और बाकी रिहायशी क्षेत्र के बीच बने हुए हैं। लॉकडाउन में रिहायशी क्षेत्रों में स्थित अधिकतर पार्किंग पूरी तरह से भरी रही हैं। हालांकि उन्हें लोगों से पेमेंट मिलने में दिक्कत हुई है। व्यवसायिक इलाकों में स्थित कुछ पार्किंग स्थल लॉकडाउन के दौरान पूरी तरह से खाली रहे हैं। पिछले कुछ दिनों से पार्किंग ठेकेदार निगम अधिकारियों व नेताओं से बार-बार मुलाकात कर रियायत देने की मांग कर रहे थे। 

बिजनेस ठप

ठेकेदारों का कहना है कि लॉकडाउन के दौरान उनका व्यवसाय पूरी तरह से ठप रहा है, लेकिन निगम के नेता व अधिकारी इसे मानने को तैयार नहीं हुए। उनका कहना था कि कुछ पार्किंग को तो नुकसान हो सकता है, लेकिन अधिकतर पार्किंग के साथ दिक्कत नहीं रही है। स्थायी समिति के डिप्टी चेयरमैन दीपक मल्होत्रा ने समिति की बैठक में भी कहा था कि कई पार्किंग में तो कार पार्क करने की जगह भी नहीं थी। ठेकेदारों का कहना था कि लोगों से भी उन्हें पूरे पैसे नहीं मिले हैं।

पार्किग स्थलों से हर माह 1 करोड़ की होती है आमदनी

निगम अधिकारी के अनुसार, पार्किंग स्थलों से हर माह करीब एक करोड़ रुपये की आमदनी होती है, लेकिन लॉकडाउन के दौरान ठेकेदार मासिक किराया नहीं दे रहे थे। वह पूरी तरह से छूट देने की मांग कर रहे थे। यह पहला वित्तीय मामला है, जिसे लेकर पूर्वी दिल्ली निगम ने अपने स्तर पर फैसला लिया है। आम तौर पर किसी भी फैसले के लिए पूर्वी निगम दिल्ली के अन्य दूसरे निगमों उत्तरी व दक्षिणी दिल्ली निगम के फैसलों के आधार पर निर्णय लेता था, लेकिन इस बार पूर्वी निगम ने पहल की है।

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