नई दिल्ली [राहुल चौहान]। केंद्रीय आवास एवं शहरी मामलों के मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने कहा कि दिल्ली विश्वविद्यालय (डीयू) उत्कृष्टता का एक सबसे सफल केंद्र है। लेकिन, विश्वविद्यालय द्वारा अभी भी बहुत कुछ किया जा सकता है। हरदीप पुरी सिंह पुरी डीयू के 100 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में खुद के द्वारा संपादित पुस्तक दिल्ली सेलिब्रेटिंग सौ ग्लोरियस ईयर्स यूनिवर्सिटी के विमोचन अवसर पर बोल रहे थे।

केंद्रीय मंत्री ने डीयू के हिंदू कालेज में अपनी पढ़ाई के समय को याद करते हुए कहा कि एक अच्छे संस्थान की पहचान उसके छात्रों से होती है। डीयू से कई नामचीन हस्तियां निकली हैं। पुरी ने बताया कि उन्होंने अपनी स्नातक और स्नातकोत्तर की पढ़ाई के पांच वर्ष हिंदू कालेज में बिताए हैं। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए डीयू के पूर्व कुलपति प्रो. डा. दिनेश सिंह ने कहा कि दिल्ली विश्वविद्यालय में पूरे भारत के दर्शन होते हैं।

यह एक ऐसा संस्थान है जहां आकर छात्रोंं के पास भविष्य के लिए अवसरों की कमी नहीं होती है। उन्होंने कहा कि 1857 के स्वतंत्रता आंदोलन के समय डीयू की भूमि पर अंग्रेजों और स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के बीच भीषण संघर्ष हुआ था। इसलिए यह बलिदानियों की धरती है।

संयुक्त राष्ट्र में पूर्व सहायक महासचिव रहीं लक्ष्मी पुरी ने कहा कि उनके लिए गर्व और सम्मान की बात है कि पुस्तक विमोचन के अवसर पर उन्हें डीयू के समृद्ध इतिहास व जीवंत छात्र जीवन के बारे में जानने का मौका मिला है। पुस्तक पर चर्चा के दौरान प्रो. डा. दिनेश सिंह, वकील रायन करंजावाला, लेखिका नमिता गोखले और फिल्म निर्देशक इम्तियाज अली ने भी डीयू में अपने छात्र जीवन की यादें ताजा कीं और अपने अनुभव बताए। पुस्तक में इन सभी ने लेख लिखे हैं।

Edited By: Pradeep Kumar Chauhan

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