नई दिल्ली, जागरण संवाददाता। मयूर विहार इलाके में घर के बाहर वाहन खड़े करने को लेकर आए दिन होने वाले झगड़े से तंग आकर एक युवक ने अपने दोस्त के साथ मिलकर पड़ोस में रहने वाले ताऊ के बेटे की पीटकर हत्या कर दी। हत्या के बाद शव यमुना में फेंक दिया। शव छह दिन बाद यमुना नदी से पुलिस ने बरामद किया है।

हत्या में शामिल कार्तिक को गिरफ्तार

मृतक की पहचान ओम कुमार डेढ़ा (28) के रूप में हुई है। पुलिस ने हत्या में शामिल कार्तिक को गिरफ्तार कर लिया है, मृतक का चचेरा भाई व मुख्य आरोपित रवि डेढ़ा की तलाश में पुलिस छापेमारी कर रही है। कार्तिक की कार को कब्जे में लेकर मामले की जांच कर रही है। ओम डेढ़ा अपने परिवार के साथ दल्लूपुरा गांव में रहते थे।

ओम नोएडा स्थित एक निजी कंपनी में नौकरी करते थे। इनके घर के बराबर में इनके ताऊ सुंदर अपने बेटे रवि और अन्य सदस्यों के साथ रहते हैं। ओम ने अपने दरवाजे पर गाड़ियों के लिए स्लैप बनवाया हुआ है, जबकि उसके चचेरे भाई रवि के घर का रास्ता एक संकरी सी गली में है।

रवि को स्लैप की वजह से अपने वाहन खड़े करने में परेशानी होती थी। इसको लेकर ही दोनों परिवारों के बीच झगड़े होते थे, लेकिन गांव के लोग बैठकर मामले को शांत करवा देते थे।

पहले पिलाई शराब फिर जमकर पीटा

पुलिस को जांच में पता चला कि 23 नवंबर को दिन में गांव में रहने वाला कार्तिक अपने साथ ओम को कार से वसुंधरा एन्क्लेव ले गया था। कार्तिक कार चलाने का प्रशिक्षण देता है।

रात के समय उसने रवि को भी फोन करके बुला लिया। कार्तिक और रवि ने मिलकर ओम को पहले खूब शराब पिलाई। इसके बाद वह उसे मयूर विहार में यमुना खादर में ले गए, जहां उसकी जमकर पिटाई की। अधमरा होने पर उसका गला घोंट दिया। हत्या के बाद शव को नदी में फेंक दिया।

हत्या को हादसे का रूप देने के लिए दोनों आरोपितों ने कार को यमुना में डुबो दिया। इसके बाद रवि अपने घर चला गया। 24 नवंबर को कार्तिक ने आम लोगों की सहायता से अपनी कार को यमुना से निकाला। जब लोगों ने पूछा कि कार यमुना में कैसे चली गई, तो उसने कहा कि वह नशे की हालत में कार को यमुना के अंदर ले गया। वह बाल-बाल बच गया था।

परिवार ने किया प्रदर्शन, तब हरकत में आई पुलिस

ओम के स्वजन ने बताया कि 23 नवंबर को पूरी रात ओम घर नहीं आया। न्यू अशोक नगर व मयूर विहार थाना पुलिस को गुमशुदगी की सूचना देने गए। इसी दौरान पता चला कि ओम को आखिरी बार कार्तिक के साथ देखा गया है, जब उससे पूछताछ की तो उसने कहा कि उसने रवि और ओम को मयूर विहार में छोड़ा है।

जब रवि से घर वालों ने पूछा तो उसने कहा वह काफी समय से ओम से मिला नहीं। शक होने पर पुलिस ने कार्तिक को हिरासत में लिया और रवि अपना फोन बंद कर फरार हो गया। उसी दिन ओम के स्वजन ने गांव में प्रदर्शन किया। जिसके बाद पुलिस हरकत में आई, 28 नवंबर को ओम का शव ओखला बैराज के पास से बरामद कर लिया गया।

Edited By: Abhishek Tiwari

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