नई दिल्ली [रजनीश पाण्डेय]। आरके पुरम थाना क्षेत्र में एक ठग ने खुद को इमीग्रेशन ब्यूरो में असिस्टेंट कोआर्डिनेटर बताकर दो लोगों से ढाई लाख रुपये ठग लिए। पीड़ितों को आरोपित ने अपना फर्जी विभागीय आइडी कार्ड भी दिखाया था। पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है।

पंजाब के जालंधर निवासी संदीप कुमार और उनके दोस्त जसवंत सर्बिया जाना चाहते थे। वीजा लगवाने के लिए उन्होंने फेसबुक पर उपलब्ध एक पेज से फोन नंबर निकालकर एक व्यक्ति से संपर्क किया। उस व्यक्ति ने दोनों दोस्तों को राजीव चौक आकर उससे मिलने के लिए कहा। वे राजीव चौक में मिले तो व्यक्ति ने अपना नाम अंकित बताया। उन्होंने बताया कि वह इमीग्रेशन ब्यूरो में असिस्टेंट कोआर्डिनेटर है। इस दौरान अंकित ने संदीप और जसवंत को इमीग्रेशन विभाग की अपनी आइडी भी दिखाई।

आरोपित ने संदीप और जसवंत के पासपोर्ट ले लिए और अगले दिन भीकाजी कामा प्लेस स्थित फारेन रीजनल रजिस्ट्रेशन आफिस (एफआरआरओ) के बाहर प्रवेश पास और टिकट के साथ मिलने के लिए कहा। सात अप्रैल को जब वे लोग सुबह 10 बजे अंकित से मिले तो उसने दोनों को मिलाकर ढाई लाख रुपये मांगे और कहा कि वह एफआरआरओ के अंदर से उनके लिए संबंधित रसीद कटवाने जा रहा है। वे लोग उसका वहीं इंतजार करें। दोनों दोस्त अंकित का इंतजार करते रहे, लेकिन वह नहीं आया। ठगी का अहसास होने पर संदीप व जसवंत ने एफआरआरओ में जाकर अधिकारियों से अंकित के बारे में पूछताछ की तो कुछ पता नहीं चला।

इधर, आरके पुरम थाना क्षेत्र में चार लोगों ने एक व्यक्ति को लाठी-डंडों से मारपीट कर घायल कर दिया। इस दौरान बीचबचाव करने आई पीड़ित की मां और बहन को भी आरोपितों ने जमकर पीटा। पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है। आरोपितों की पहचान अंबेडकर बस्ती निवासी प्रदीप, राणा और पिंटू के रूप में हुई है।

आरके पुरम निवासी गौरी शंकर जब छतरपुर मंदिर से अपने घर की ओर आ रहे थे तो घर के पास की ही एक गली में चार लड़कों ने उनका रास्ता रोक लिया। गौरी शंकर ने उन्हें रास्ते से हटने को कहा तो आरोपितों ने उन पर डंडे से हमला कर दिया।

Edited By: Prateek Kumar