नई दिल्ली [संजय सलिल]। आवक में कमी के कारण टमाटर की कीमत में उछाल आ गया है। एक माह पूर्व तक थोक में अधिकतम 20 रुपये किलो तक बिकने वाला टमाटर अब 60 रुपये तक पहुंच गया है। जिससे खुदरा बाजारों में इसकी कीमत प्रतिकिलो 80 रुपये तक पहुंच गई है। ऐसे में बढ़ी हुई कीमत के कारण लोगों की रसोई का बजट बिगड़ने लगा है।आजादपुर मंडी के आढ़तियों के अनुसार, बारिश के कारण मध्यप्रदेश, महाराष्ट्र, हिमाचल प्रदेश, हरियाणा आदि राज्यों में खेतों में लगी टमाटर की फसल को नुकसान पहुंचा है। खासकर टमाटर के बड़े उत्पादक क्षेत्र मध्यप्रदेश के रतलाम में ज्यादा नुकसान हुआ है।

यही कारण है कि मंडी में टमाटर की आवक में करीब पचास फीसद तक की कमी आ गई है। नतीजतन, मांग से कम आवक होने से कीमत में तेजी आ गई है। आजादपुर मंडी कृषि उत्पाद विपणन कमेटी (एपीएसमी) के आकड़ों के मुताबिक सोमवार को टमाटर की आवक करीब 440 टन रही। थोक में यह अधिकतम 55 रुपये तक बिका।

मंडी में टमाटर के कारोबार से जुड़े राजीव कुमार ने बताया कि एक माह पूर्व तक प्रतिदिन औसतन 40 गाड़ियों की आवक होती थी, जो घटकर 15 से 20 गाड़ी रह गई है। इन दिनों केवल महाराष्ट्र, हिमाचल प्रदेश से ही ज्यादातर टमाटर आ रहे हैं। मंडी में अकेले 20 से 25 फीसद टमाटर की आवक रतलाम से होती थी। जबकि यही मात्र हरियाणा के लाडवा आदि जगहों से आवक की होती थी। लेकिन इन दोनों ही जगहों से टमाटर की आवक नहीं के बराबर होने से कीमत में तेजी आ गई है।

मंडी में रोजाना औसतन मांग साढ़े छह से सात सौ टन की रहती है। उनके अनुसार कोविड के कारण लाकडाउन में टमाटर उत्पादक राज्यों में किसानों ने कम रकबे में टमाटर की फसल लगाई थी और जो फसल लगी थी, उसे बारिश ने बर्बाद कर दिया। ऐसे में हिमाचल प्रदेश, महाराष्ट्र आदि राज्यों से नई फसल की आवक में इस साल गिरावट देखी जा रही है। हालांकि हरियाणा से दिवाली के बाद नई फसल की आवक शुरू हो जाएगी तो कीमत का ग्राफ नीचे उतर सकता है।

Edited By: Mangal Yadav