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दिल्ली के असिता ईस्ट में एंट्री के लिए पर्यटकों को लेना होगा 50 रुपये का टिकट, पढ़ें इससे जुड़ी खास बातें

पिछले वर्ष खादर क्षेत्र में बाढ़ आने से असिता ईस्ट (Asita East DDA Park) की सुंदरता पर पानी फिर गया था। लेकिन बाढ़ के कुछ समय बाद ही डीडीए ने फिर से इसको संवार दिया था। यहां पर डहेलिया बबूने नीलकूपी कैलेंडुला हालिहाक जैसे नए पौधे लगाकर बागवानी कर दी थी। आसपास इलाकों के काफी पर्यटक यहां आकर प्रकृति का आनंद लेते हैं।

By Nikhil Pathak Edited By: Abhishek Tiwari Published: Tue, 11 Jun 2024 09:27 AM (IST)Updated: Tue, 11 Jun 2024 09:27 AM (IST)
दिल्ली के असिता ईस्ट में एंट्री के लिए पर्यटकों को लेना होगा 50 रुपये का टिकट

जागरण संवाददाता, पूर्वी दिल्ली। यमुना खादर में बने असिता ईस्ट में प्रवेश के लिए अब शुल्क देना होगा। दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए) ने दस साल से अधिक उम्र के पर्यटकों के प्रवेश के लिए 50 रुपये का टिकट निर्धारित कर दिया है। पर्यटक नकद और यूपीआइ के माध्यम से टिकट शुल्क का भुगतान कर सकते हैं।

दिल्ली के उपराज्यपाल वीके सक्सेना ने पिछले वर्ष सात सितंबर को परियोजना का उद्घाटन किया था। असिता ईस्ट पुराने लोहे के पुल से आइटीओ बैराज तक फैला हुआ है। इसका कुल क्षेत्रफल 197 हेक्टेयर है। 90 हेक्टेयर हिस्सा डीडीए के अंतर्गत है और शेष हिस्सा उत्तर प्रदेश सिंचाई विभाग के पास है।

पिछले वर्ष खादर क्षेत्र में बाढ़ आने से असिता ईस्ट की सुंदरता पर पानी फिर गया था। लेकिन बाढ़ के कुछ समय बाद ही डीडीए ने फिर से इसको संवार दिया था। यहां पर डहेलिया, बबूने, नीलकूपी, कैलेंडुला, हालिहाक जैसे नए पौधे लगाकर बागवानी कर दी थी। आसपास इलाकों के काफी पर्यटक यहां आकर प्रकृति का आनंद लेते हैं। वहीं जलाशय और बागवानी के निकट बैठकर खूबसूरत लम्हों को कैमरे में कैद करते हैं।

दो नए प्रतिरूप लगाकर किया सुंदरीकरण

डीडीए ने असिता ईस्ट में भगवान बुद्ध और सूर्य के दो नए प्रतिरूप स्थापित कर सुंदरीकरण किया है। भगवान सूर्य की मूर्ति ओडिशा के कोणार्क मंदिर में सूर्य भगवान से हूबहू मिलती है।

दोनों प्रतिरूप को पद्म विभूषण से सम्मानित सुदर्शन साहू ने तैयार किया है। अधिकारियों ने बताया कि पिछले साल जी-20 शिखर सम्मेलन के दौरान राजधानी में विभिन्न जगह लगी दो दर्जन से अधिक पत्थर की कलाकृतियां साहू ने ही तैयार की थीं।

जल्द मिलेगी ‘ईट आन वील’ की सुविधा

अधिकारियों ने बताया कि असिता ईस्ट में जल्द ही ‘ईट आन वील’ की सुविधा शुरू होने वाली है। यहां वाले पर्यटक ट्रेन के कोच में बैठकर स्वादिष्ट खाद्य पदार्थों का स्वाद चख सकेंगे।

यह ट्रेन का कोच भारतीय रेलवे ने उपलब्ध कराया है। इसके बनने से यहां पर कोई भी स्थायी ढांचे का निर्माण नहीं हो सकेगा। साथ ही लोगों को भी जल व प्रकृति से जुड़ने का मौका मिलेगा।

असिता ईस्ट की खास बातें

  • पांच एकड़ में तैयार किया गया जलाशय
  • 60 हजार क्यूबिक मीटर पानी की क्षमता
  • मेरी यमुना जैसा आकर्षक सेल्फी प्वाइंट
  • मल्टीपर्पज एरिया
  • बच्चों के खेलने के लिए पार्क
  • जैव शौचालय

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