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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 18, 2021 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

फिर आपदा में मदद को बढ़े हाथ, इस बार द्वारका इस्कान ने ली लोगों के भरण-पोषण की जिम्मेदारी

By Vinay Kumar TiwariEdited By:
Published: Sun, 18 Apr 2021 08:26 PM (GMT+05:30)

कोरोना संक्रमण के कारण प्रभावित लोगों के लिए द्वारका स्थित इस्कान मंदिर ने एक बार फिर भोजन पहुंचाने के रूप ...और पढ़ें

इस बार द्वारका इस्कान ने ली जरूरतमंद लोगों के भरण-पोषण की जिम्मेदारी।
इस बार द्वारका इस्कान ने ली जरूरतमंद लोगों के भरण-पोषण की जिम्मेदारी।

जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। कोरोना संक्रमण के कारण प्रभावित लोगों के लिए द्वारका स्थित इस्कान मंदिर ने एक बार फिर भोजन पहुंचाने के रूप में मदद के लिए हाथ बढ़ाया है। ज्ञात हो पिछले वर्ष भी द्वारका इस्कान ने जिला प्रशासन के साथ मिलकर कोरोना संक्रमण के कहर से जूझ रहे लोगों का भरण-पोषण किया था। द्वारका इस्कान के इस अभियान से जुड़ी महिमा सब्बरवाल ने बताया कि फूड फार लाइफ पहल के तहत श्रवण कुमार सेवा का संचालन किया जा रहा है। जिसके तहत कोरोना संक्रमण से जूझ रहे जरूरतमंद लोगों को उनके घर तक भोजन पहुंचाया जा रहा है।

रविवार को मुहिम का पहले दिन था। जिसमें 15 हजार लोगों को डिब्बों में पैक कर खाना पहुंचाया गया। जिसमें खिचड़ी, दाल, आलू की सब्जी व रोटी शामिल थी। खास बात यह है कि खाने में प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने वाली गुर युक्त सामग्री का खासा इस्तेमाल किया जा रहा है। जैसे हल्दी, देसी घी, हींग, काली मिर्च आदि, ताकि खाने का सेवन करने वाले कोरोना संक्रमण के साथ मजबूती से जंग लड़ सके।

फिलहाल दक्षिण-पश्चिम व उत्तर-पश्चिमी जिले में रहने वाले लोगों ने द्वारका इस्कान की हेल्पलाइन नंबर 9717544444 पर संपर्क कर भोजन उपलब्ध कराने की बात रखी है। पर द्वारका इस्कान की कोशिश है कि अधिक से अधिक लोग इस मुहिम से जुड़कर लाभ लें। महिमा ने बताया कि उनका लक्ष्य है कि वे एक दिन में ढाई लाख जरूरतमंद लोगों तक पोषण युक्त भोजन पहुंचाएं। द्वारका इस्कान की इस मुहिम को सफल बनाने के लिए स्थानीय लोग कई रूपों में मदद के लिए हाथ बढ़ा रहे है।

मंदिर प्रशासन का कहना है कि खाना बनाते समय साफ-सफाई व कोरोना संक्रमण बचाव नियम का पूरा ध्यान रखा जा रहा है। इसके अलावा खाने का गलत प्रयोग न हो इसके लिए मंदिर से लेकर जरूरतमंद तक खाना पहुंचाने तक ड्रोन कैमरे से नजर रखी जा रही है। साथ ही जिस ई-रिक्शा की मदद से खाना जरूरतमंद तक पहुंचाया जा रहा है, उसके सैनिटाइजेशन का भी पूरा ध्यान रखा जा रहा है।