नई दिल्ली, जागरण संवाददाता। इंटरनेट मीडिया के विभिन्न प्लेटफार्मो पर प्राफिट मनिया के नाम से पेज बनाकर लोगों से ठगी करने वाले एक गिरोह का दिल्ली पुलिस की साइबर सेल ने भंडाफोड़ किया है। मामले में पुलिस ने मुख्य आरोपित देवेंद्र चौधरी व एक नाबालिग को पकड़ा है। मामले में मुख्य आरोपित की पत्नी की भी तलाश की जा रही है। यह गिरोह राजस्थान के बारां जिले के बापचा स्थित कोइरियारपुर में संचालित हो रहा था। आरोपितों ने देशभर में कई पीड़ितों से लाखों की ठगी की है। फिलहाल, पुलिस को इस गिरोह के खिलाफ चार शिकायतें मिली थीं। इस गिरोह की ओर से और अन्य राज्यों के लोगों से भी ठगी की गई है। पुलिस इसकी जानकारी जुटा रही है।

साइबर सेल के डीसीपी केपीएस मल्होत्र ने बताया कि एक शिकायत प्राप्त हुई थी, जिसमें बताया गया कि इंस्टाग्राम पर सर्फिग करते समय पीड़ित प्राफिट मनिया नाम से एक पेज पर गए। वहां पर उन्होंने देखा कि पेज पर रुपये निवेश करने पर दोगुना व तिगुना करने की बात थी। पीड़ित ने पेज के मालिक से बात की। उसने अपना परिचय दीपक साहू के रूप में दिया और उसे कुछ ही समय में तीन गुना रुपये बनाने के बहाने निवेश करने के लिए प्रेरित किया। पीड़ित ने देवेंद्र के नाम से क्यूआर कोड स्कैन किया। इससे उसके खाते से रुपये कट गए। इसके बाद से आरोपित ने फोन बंद कर लिया और पीड़ित को कोई जवाब नहीं दिया। मामले की जांच में पता चला कि आरोपित के खाते में 12 लाख रुपये आए थे।

इसके साथ यह भी पता चला कि खाता एक नाबालिग के नाम पर था और वही पीड़ितों के साथ बात करता था। आरोपित बिटकाइन में पैसा लगाने का झांसा देकर ठगी कर रहे थे। आरोपितों को पकड़ने के लिए एसीपी रमन लांबा के नेतृत्व में एसआइ मनीष, हवलदार नवीन, सिपाही हुकुम और जितेंद्र की टीम गठित की गई। पुलिस टीम ने टेक्निकल सर्विलांस की मदद से आरोपितों की लोकेशन निकाल कर रविवार को दबोच लिया।

Edited By: Pradeep Chauhan