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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 09, 2022 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Delhi Muharram News: मुस्लिम समाज ने मुहर्रम पर ताजिये निकालकर हजरत इमाम हुसैन की शहादत को किया याद

By Pradeep Kumar ChauhanEdited By:
Published: Tue, 09 Aug 2022 03:47 PM (IST)

Delhi Muharram Newsमुस्लिम समाज के लोगों ने एकत्रित होकर मुहर्रम के अवसर पर कश्मीरी गेट पुरानी दिल्ली में मातम मनाया। ...और पढ़ें

Delhi Muharram News:मुस्लिम समाज के लोगों ने मुहर्रम पर ताजिये निकालते हुए हजरत इमाम हुसैन की शहादत को किया याद।
Delhi Muharram News:मुस्लिम समाज के लोगों ने मुहर्रम पर ताजिये निकालते हुए हजरत इमाम हुसैन की शहादत को किया याद।

नई दिल्ली, जागरण संवाददाता। दिल्ली-एनसीआर में मंगलवार को मुस्लिम समाज के लोगों ने मुहर्रम पर ताजिये निकालते हुए हजरत इमाम हुसैन की शहादत को किया याद।

बड़ी तादाद में मुस्लिम समाज के लोगों ने एकत्रित होकर मुहर्रम के अवसर पर कश्मीरी गेट पुरानी दिल्ली में मातम मनाया। वहीं, पूर्वी दिल्ली के त्रिलोपुरी में ताजिये निकालते हजरत इमाम हुसैन की शहादत को किया याद किया।

यहां सुरक्षा व्यवस्था को बनाए रखने के लिए जगह-जगह पुलिस फोर्स तैनात थी। इसी तरह एनसीआर के गाजियाबाद में भी मुहर्रम पर ताजिए निकाला गया। मुहर्रम पर हुसैनी सौगवारों ने खुद को घायल कर मातम मनाया।

शहीदनगर के जयपाल चौक से ताजिए के जुलूस की शुरुआत हुई और खोड़ा के लोक प्रिय विहार, इंदिरा विहार और शंकर विहार कॉलोनी में सौगवारों ने कब्रिस्तान में ताजिए को दफनाया ।

वहीं, शहीद नगर में ताजिए के जुलूस के दौरान शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए सिविल डिफेंस के वॉलिंटियर्स और पुलिस बल तैनात रहा। शहीद नगर में सौगवारों ने मातम मनाकर उनके इमाम हुसैन की शहादत को याद किया। यहां पर छोटे बच्चों से लेकर युवाओं तक ने शरीर को चोट पहुंचाकर मातम मनाया।

उन्होंने बताया कि मुहर्रम किसी त्योहार या खुशी का महीना नहीं है, बल्कि ये महीना बेहद गम से भरा है। इतना ही नहीं दुनिया की तमाम इंसानियत के लिए ये महीना इबरत (सीखने) के लिए है।

इमाम हुसैन की याद में मुस्लिम मातम मनाते हैं। मान्‍यता है इमाम हुसैन की शहादत के दिन को रोज-ए-आशुरा कहते हैं। मुहर्रम का यह सबसे अहम दिन माना गया है। 

मोहर्रम पर शहर में मंगलवार को शिया और सुन्नी समुदाय की ओर से जुलूस निकाला गया। जुलूस के दौरान सुरक्षा के मद्देनजर भारी पुलिस बल तैनात रहा। जुलूस निकालने के दौरान किसी अप्रिय घटना की सूचना नहीं है।एसएआर जैदी ने बताया कि अंजुमन नासिराने अहलेबैत की ओर से जुलूस-ए-आशूरा निकाला गया। सुबह 10 बजे सेक्टर-22 में मजलिस के बाद जुलूस की शुरुआत हुई।

जुलूस चौड़ा मोड़, एडोब चौराहा, सुमित्रा अस्पताल, रामाज्ञा स्कूल होते हुए सेक्टर-50 स्थित इमाम बारगाह पहुंचा। जुलूस में बड़ी संख्या बच्चे, महिलाएं, बुजुर्ग और युवा शामिल रहे। समुदाय के लोगों ने सीने पर हाथ मारकर इमाम हुसैन और अन्य लोगों की शहादत के दर्द को याद किया गया। लोगों को बताया गया कि कर्बला के मैदान में जो घटना घटी वह कोई मामूली बात नहीं थी।

शहादत को हमेशा याद रखना होगा। जुलूस का आयोजन मोहम्मद जावेद खान, हसन मेंहदी नकवी, मोहम्मद असद अली, मुराद अली खान की ओर से किया गया। एडिशनल डीसीपी नोएडा आशुतोष द्विवेदी का कहना है कि जिस जगह से जुलूस निकला, वहां भारी पुलिस बल तैनात रहा। जुलूस के दौरान थोड़ी-थोड़ी देर के लिए ट्रैफिक को रोका गया।

जुलूस निकालकर इमाम हुसैन को किया याद

सेक्टर-8, 9, 10, 16 की मोहर्रम समिति ने जुलूस निकाला। सेक्टर-8 स्थित जामा मस्जिद से शुरू हुआ जुलूस सेक्टर-9 स्थित बांस बल्ली मार्केट, सेक्टर-10 नोएडा स्टेडियम स्टेडियम चौराहा, सेक्टर-11 एचसीएल चौराहा, सेक्टर-5 पानी टंकी होते हुए सेक्टर-4 स्थित कर्बला पहुंचा।

शहाबुद्दीन ने बताया कि हजरत इमाम हुसैन, उनके परिवार ने सच के लिए अपनी जान कुर्बान की। कड़े सुरक्षा प्रबंध करने के साथ जुलूस के दौरान किसी प्रकार की कोई अप्रिय घटना न हो सके, इसके पुख्ता इंतजाम किए गए। इस मौके पर मोहम्मद गुड्डू चेयरमैन, सलोनी सोलंकी, शाकिर, मुन्ना आलम शामिल रहे।