नई दिल्ली, [राहुल सिंह]। कोरोना महामारी से तमाम लोगों ने अपनों को गवां दिया, लेकिन कोरोना से जंग में मासूमों ने बाजी मारी है। कोरोना संक्रमण से बच्चे तो संक्रमित हुए, लेकिन उन्होंने आसानी से इस महामारी को हरा दिया है। मध्य जिले में अब तक करीब 1200 बच्चे संक्रमित भी हुए, लेकिन इसमें से अधिकतर होम क्वारटाइंन में रहकर सही भी हो गए। वहीं, अब तक दो बच्चों की कोरोना के कारण मौत हो गई। मध्य जिला प्रशासन के अधिकारियों का कहना है कि कोरोना की अगली लहर को लेकर अभी से तैयारियां की जा रही है, जिसमें बच्चों के संक्रमण को लेकर आशंकाएं जताई जा रही हैं।

ऐसे में मध्य जिले के सरकारी व निजी अस्पताल में अभी से इसको लेकर सतर्कता बरती जा रही है। अस्पतालों में बच्चों के लिए अलग से वार्ड बनाए जा रहे हैं। उधर, कोरोना महामारी की दूसरी लहर में भी मध्य जिले के अब तक 1200 बच्चों संक्रमित हुए थे, लेकिन इसमें से 1178 बच्चे घरों में रहकर ही सही आसानी से सही हो गई। वहीं, 20 बच्चों को सरकारी व निजी अस्पतालों में भर्ती कराने की आवश्कता पड़ी। इसके अलावा दो बच्चों की इस दौरान मौत भी हुई। मध्य जिले के एडीएम नागेंद्र त्रिपाठी का कहना है कि बच्चों के अंदर रोग प्रतिरोधक क्षमता अधिक होती है। इसके चलते वह बीमारी से लड़ सकते हैं।

तीसरी लहर में भी बच्चे कोरोना से आसानी से हरा देंगे

लोकनायक अस्पताल के डाक्टर अखिलेश का कहना है कि लोगों को कोरोना को लेकर सतर्क रहने की जरूरत है, लेकिन डरने की नहीं। लोगों में अफवाह है कि अगली लहर में बच्चे अधिक संक्रमित हो सकते हैं। उन्होंने कहा कि रिपोर्ट के मुताबिक वह संक्रमित तो हो सकते हैं, लेकिन वह उतनी ही तेजी से सही भी हो सकते हैं। उन्होंने कहा कि बच्चो की बीमारी से लड़ने की क्षमता बड़ों के मुकाबले अधिक होती है।

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