नई दिल्ली [रीतिका मिश्रा]। राजधानी में कोरोना संक्रमण के सुधरते हालात को देखते हुए शिक्षक संघ ने शिक्षकों को कोरोना ड्यूटी से मुक्त किए जाने की मांग की है। राजकीय विद्यालय शिक्षक संघ (जीएसटीए) के पदाधिकारियों ने मुख्यसचिव विजय देव से मांग की है कि शिक्षकों को अब स्कूलों में लौटने की जरूरत है। इस वक्त उनकी सबसे ज्यादा जरूरत छात्रों को है। ऐसे में मौजूदा हालात को देखते हुए शिक्षकों को कोरोना ड्यूटी से हटा कर उनके मूल काम में वापस भेजा जाए।

कोरोना के मामले हुए कम और परीक्षाएं शुरू होने वाली 

जीएसटीए के महासचिव अजय वीर यादव ने कहा कि राजधानी में कोरोना के बढ़ते संक्रमण को देखते हुए सरकार ने शिक्षकों की विभिन्न स्थानों पर कोरोना ड्यूटी लगाई थी। जिसमें शिक्षक, चालान काटने, टीकाकरण केंद्रों, एयरपोर्ट व राशन बांटने का कार्य कर रहे थे। चूंकि अब कोरोना के मामले भी कम हुए हैं और बच्चों की परीक्षाएं भी शुरू होने वाली हैं। ऐसे में शिक्षकों को स्कूलों को वापस भेजना चाहिए ताकि वो बच्चों को परीक्षाओं की तैयारी करा सके।

शिक्षा पर पड़ रहा असर

उन्होंने कहा कि लंबे समय से स्कूलों के बंद होने के चलते छात्रों की बुनियादी शिक्षा पर असर पड़ा है। छात्रों के सीखने में अंतर आया है। अगर अभी भी शिक्षक स्कूल वापस नहीं गए तो शिक्षा के इस अंतर को पाटना बहुत मुश्किल होगा।

Edited By: Prateek Kumar