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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jun 15, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

दिल्ली की इन सड़कों पर तेजी से फर्राटे भर रहे ई-रिक्शा, सिर्फ गलियों में चलने की थी इजाजत; SC का आदेश दरकिनार

By Manisha GargEdited By: Abhi Malviya
Published: Thu, 15 Jun 2023 12:41 AM (IST)

सड़कों पर सुरक्षित यातायात को मद्देनजर रखते हुए वर्ष 2014 में सुप्रीम कोर्ट के आदेशानुसार दिल्ली की 236 सड़कों पर ...और पढ़ें

असल में ई-रिक्शा चालकों द्वारा कुछ समय के बाद उन होर्डिंग्स को ही हटा दिया गया।
असल में ई-रिक्शा चालकों द्वारा कुछ समय के बाद उन होर्डिंग्स को ही हटा दिया गया।

पश्चिमी दिल्ली, जागरण संवाददाता। सड़कों पर सुरक्षित यातायात को मद्देनजर रखते हुए वर्ष 2014 में सुप्रीम कोर्ट के आदेशानुसार दिल्ली की 236 सड़कों पर ई-रिक्शा का परिचालन प्रतिबंधित किया गया था। आदेश के अनुसार ई-रिक्शा केवल गलियों में ही चल सकते है, लेकिन प्रतिबंध के बावजूद उन सभी 236 सड़कों पर ई-रिक्शे नियम को ताक पर रखकर दौड़ते हुए नजर आते है।

गौर करने वाली बात यह है कि 2014 से अब तक ई-रिक्शों की संख्या में भारी इजाफा हुआ है और सड़कों पर इनका मकड़जाल यातायात को न सिर्फ प्रभावित कर रहा है बल्कि सड़क दुर्घटना का भी कारण साबित हो रहा है।

यातायात संचालन में हो रही मुसीबत 

शुरू-शुरू में ई-रिक्शा ने जब सड़क पर दस्तक दी थी तो लोगों ने इस पर खुशी जाहिर की थी। कम दूरी तय करने के लिए लोग ई-रिक्शा का बढ़चढ़ कर उपयोग कर भी रहे हैं, लेकिन समय के साथ-साथ सड़कों पर बढ़ती ई-रिक्शा की संख्या ने सुचारू यातायात संचालन में मुसीबत खड़ी कर दी है।

ई-रिक्शा को आड़ा-तिरछा चलाने के साथ चालक यातायात नियमों का उल्लंघन करते हुए पांच और कई बार इससे अधिक सवारियों को लाद मुख्य सड़कों पर फर्राटे भरते नजर आते है। यातायात पुलिस प्रशासन द्वारा इन प्रतिबंधित सड़कों पर समय-समय पर जगह-जगह होर्डिंग्स लगाए जाते हैं। असल में ई-रिक्शा चालकों द्वारा कुछ समय के बाद उन होर्डिंग्स को ही हटा दिया गया।

पंखा रोड व नजफगढ़ रोड पर हालत खराब

नजफगढ़ व पंखा रोड यातायात के लिहाज से काफी व्यस्त सड़कें है और दोनों पर ही ई-रिक्शों का परिचालन प्रतिबंधित है बावजूद इसके करीब 500 से अधिक ई-रिक्शा रोजाना इन सड़कों पर दम भरते हुए नजर आते है। सबसे अहम बात यह है कि दोनों ही सड़कों पर कई अस्पताल स्थित है।

पंखा रोड पर जहां माता चानन देवी अस्पताल व आर्य अस्पताल समेत तीन और अस्पताल है तो वहीं नजफगढ़ रोड पर करीब आधा दर्जन से अधिक अस्पताल स्थित है। इसके अलावा दोनों सड़कों के किनारे सघन आबादी वाली कालोनियां है। व्यस्तता के चलते सड़क पर पहले ही वाहनों का दबाव रहता है, इस बीच ई-रिक्शा के परिचालन से जाम की स्थिति उत्पन्न होती है। इसके अलावा ई-रिक्शा चालक यातायात नियमों का सड़कों पर बिल्कुल पालन नहीं करते है।

कई बार चुकी हैं दुर्घटनाएं

चार से अधिक सवारी बिठाने के साथ तेज रफ्तार में आड़े तिरछे ढंग से चलाने के कारण कई बार सड़क दुर्घटना के शिकार हो चुके है। आपाधापी के बीच इमरजेंसी वाहन समय पर अपने गंतव्य तक नहीं पहुंच पाते है। अब तो स्थिति यह है कि ई-रिक्शा चालकों ने सड़क को ही पार्किंग में तब्दील कर दिया है।

विशेषकर पंखा रोड के मुहाने, ओल्ड पंखा रोड, हिमालय सागर वाली सड़क, मेट्रो पिलर-652 के पास ई-रिक्शा अव्यवस्थित ढंग से खड़े नजर आते है। पहले ही अतिक्रमण के कारण सड़क की चौड़ाई कम हो गई है, दूसरी तरफ अव्यवस्थित ढंग से खड़े ई-रिक्शा सुबह व शाम के समय सड़क पर भारी जाम की वजह साबित होते है। इसके अलावा सभी मेट्रो स्टेशन के नीचे ई-रिक्शा का जमघट एक बड़ी समस्या है।

नाबालिग भी चलाते हैं ई-रिक्शा

इलाके में नाबालिग भी ई-रिक्शा धड़ल्ले से चलाते नजर आते हैं। साथ ही वे गति सीमा का भी ध्यान नहीं रखते हैं। ऐसे में दुर्घटना की आशंका रहती है। ई-रिक्शा चालक अपने रूट को लेकर भी सजग नहीं रहते हैं। जहां की सवारी मिली उसी ओर निकल जाते हैं। इस तरह से यातायात व्यवस्था पूरी तरह चौपट हो जाती है।

क्या कहते हैं अधिकारी?

यातायात पुलिस अधिकारियों की मानें तो वह इस दिशा में समय-समय पर अभियान चलाकर ई-रिक्शा चालकों के खिलाफ चालान करते हैं और जरूरत पड़ने पर ई-रिक्शे को जब्त भी किया जाता है। पर कार्रवाई के समय ई-रिक्शा चालक रहम की गुहार लगाते है।

वे कहते हैं कि ये उनका रोजगार है, यदि ये छीन गया तो वे परिवार का भरण पोषण कैसे करेंगे? ऐसे में कई बार चालकों को आगाह करके छोड़ दिया जाता है। यह न सिर्फ यातायात पुलिस की लापरवाही है बल्कि इसमें जिला प्रशासन भी बराबर का दोषी है।

सड़क सुरक्षा काे मद्देनजर रखते हुए सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर प्रत्येक जिले में उपायुक्त के नेतृत्व में सड़क सुरक्षा समिति का गठन हुआ था, पर अफसोस की बात है कई जिलों में बीते आठ माह से इस समिति की बैठक नहीं हुई है और न ही बैठक में कभी ई-रिक्शा के मुद्दे को प्रमुखता से उठाया गया है।

जिला और प्रतिबंध सड़कों की संख्या

  1. उत्तरी -  12
  2. उत्तर पश्चिमी - 14
  3. नई दिल्ली - 76
  4. केंद्रीय - 20
  5. पूर्व - 8
  6. उत्तर पूर्व - 10
  7. दक्षिण- पश्चिमी - 20
  8. पश्चिमी - 8
  9. दक्षिण- 37
  10. दक्षिण-पूर्व - 22

दक्षिण-पश्चिमी व पश्चिमी दिल्ली की प्रतिबंधित सड़कों के नाम

नजफगढ़ सर्कुलर रोड, मेन नजफगढ़ रोड, पंखा रोड, बाहरी रिंग रोड, द्वारका में रोड नंबर-201 से 210, रोड नंबर-220, 223, 226, पालम-डाबड़ी ड्रेन रोड, भरथल रोड, नजफगढ़-बिजवासन रोड, नजफगढ़-नांगलोई रोड, रिंग रोड, रोहतक रोड, पटेल रोड, नजफगढ़ रोड, पायल सिनेमा रोड, टोडापुर रोड, मायापुरी रोड व जेल रोड