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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे May 03, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

31 जुलाई तक खाली करना होगा सिग्नेचर व्यू अपार्टमेंट, DDA ने तय की डेडलाइन; नई SOP जारी

Published: Sat, 03 May 2025 11:10 PM (IST)

डीडीए ने फ्लैट खाली कर चुके लोगों को अपनी कागजी कार्यवाही पूरी करने के लिए 30 मई तक का समय ...और पढ़ें

31 जुलाई तक खाली करना होगा सिग्नेचर व्यू अपार्टमेंट
31 जुलाई तक खाली करना होगा सिग्नेचर व्यू अपार्टमेंट

HighLights

  1. डीडीए ने तय की डेडलाइन, फ्लैट खाली कर चुके लोगों को 30 मई तक पूरी करनी होगी कागजी प्रक्रिया
  2. फ्लैट खाली करने की डेडलाइन तय करने के साथ ही किराए के भुगतान के लिए सहमत होता दिख रहा है
  3. किराए के भुगतान के बारे में डीडीए अगले सप्ताह ले सकता है फैसला
  4. 111 फ्लैट हो चुके हैं खाली, 225 फ्लैट में अभी लोग रह रहे हैं

जागरण संवाददाता, बाहरी दिल्ली। किराए के भुगतान समेत कई मसलों को लेकर लंबे समय से डीडीए और सिग्नेचर व्यू अपार्टमेंट आरडब्ल्यूए के बीच चल रहे गतिरोध के खत्म होने के आसार बनते नजर आ रहे हैं। डीडीए ने आरडब्ल्यूए को 31 जुलाई तक अपार्टमेंट के सभी फ्लैट खाली करने का कहा है।

साथ ही, डीडीए ने फ्लैट खाली कर चुके लोगों को अपनी कागजी कार्यवाही पूरी करने के लिए 30 मई तक का समय दिया है। हालांकि, डीडीए ने किराए के भुगतान के बारे में अभी आधिकारिक तौर पर कुछ नहीं कहा है, लेकिन आरडब्ल्यूए को संकेत दिया है कि फ्लैट खाली करके जा चुके लोगों की कागजी कार्यवाही पूरी हो जाती है तो एक जून से किराए का भुगतान शुरू हो जाएगा और जो इस समय अपार्टमेंट में रह रहे हैं, वे लोग 31 जुलाई को अपना फ्लैट छोड़ देंगे, उन्हें एक अगस्त से किराए का भुगतान होगा। बताया जाता है कि डीडीए ने इस संबंध में प्रस्ताव बनाकर उच्च अधिकारियाें के पास भेज दिया है। इस बारे में अगले सप्ताह कोई फैसला आने की उम्मीद है।

पूरी प्रक्रिया के लिए डीडीए ने चार अधिकारियों को किया नियुक्त

रिहायश के लिहाज से असुरक्षित घोषित की जा चुकी सिग्नेचर व्यू अपार्टमेंट की इमारत को खाली कराने के लिए डीडीए ने एक मई को नई एसओपी जारी की है। एसओपी में फ्लैट खाली करने की नई डेडलाइन से लेकर कागजी प्रक्रिया के बारे में विस्तार से बताया है। पूरी इमारत खाली करने का कार्य तीन चरणों में पूरा किया जाएगा। इस प्रक्रिया को अमलीजामा पहनाने की जिम्मेदारी डीडीए ने अपने चार अधिकारियों को सौंपी है।

आरडब्ल्यूए महासचिव गौरव पांडे ने कहा कि हमें उम्मीद है कि किराए के भुगतान और अपने इस प्रस्ताव को अपने उच्च अधिकारियों से आवश्यक मंजूरी ले लेगा। आरडब्ल्यूए का उपराज्यपाल से अनुरोध है कि वे प्रस्ताव पर सहमति जताकर और किराए का भुगतान जल्द से जल्द करके इस जानलेवा अपार्टमेंट में रहने वाले लोगों के पुनर्वास में मदद करें।

उन्होंने बताया कि डीडीए पहले ही स्पष्ट कर चुका है कि हाई कोर्ट के फैसले से पहले फ्लैट खाली करने वालों को पिछले किराए के भुगतान और एफएआर के मसले पर अपील की जा रहा है।

फ्लैट खाली करनेवालो को तुरंत भुगतान करने के निर्देश

उल्लेखनीय है कि 111 लोग अपने फ्लैट खाली करके अन्यत्र जा चुके हैं। 225 फ्लैट में लोग रह रहे हैं। फ्लैट खाली करके जाने वाले और इस समय अपार्टमेंट में रहने वाले लोग डीडीए से तुरंत किराए के भुगतान की मांग कर रहे हैं। पिछले साल दिसंबर महीने में दिल्ली हाई कोर्ट अपने फैसले में डीडीए को निर्देश दिया था कि फ्लैट खाली करने वालों को तुरंत किराए का भुगतान किया जाए। कोर्ट ने तीन महीने के भीतर (23 मार्च तक) सभी फ्लैट खाली कराने का निर्देश दिया था। लेकिन, किराए समेत कई बिंदुओं पर सहमति न बन पाने के कारण यह मामला लटकता आ रहा है।

फ्लैट खाली कर चुके लोगों के लिए नियम

एसओपी में डीडीए ने फ्लैट खाली करके जा चुके लोगों के लिए नियम बनाया है कि उन्हें अपना बिजली का जीराे बिल प्रस्तुत करना होगा। जिस महीने का बिजली बिल जीराे होगा, डीडीए उसी महीने से फ्लैट खाली हाेने का प्रमाण मानेगा। यानी, फ्लैट खाली करने की तारीख से लेकर अब तक बिजली की खपत शून्य होनी चाहिए। वही फ्लैट खाली करने की तिथि मानी जाएगी। इसी आधार पर किराए का भुगतान किया जाएगा। बिजली के बिल व मालिकाना हक समेत अन्य सभी कागजात 30 मई डीडीए को सौंपने होंगे।

अपार्टमेंट में रह रहे लोगों के लिए नियम

जो इस समय अपार्टमेंट में रह रहे हैं, उन्हें फिजिकली (भौतिक रूप से) अपने फ्लैट डीडीए को सौंपने होंगे। पहले चरण में फ्लैट छोड़ने वाले आवंटी को डीडीए की इंजीनियरिंग विंग को विधिवत रूप से सूचित करना होगा। फ्लैट के मालिकाना प्रमाण के साथ-साथ आरडब्ल्यूए रखरखाव और पानी के बिल व आइजीएल गैस के डिस-कनेक्शन सर्टिफिकेट व एनओसी सर्टिफिकेट डीडीए को सौंपना होगी। दूसरे चरण में इंजीनियरिंग विंग की ओर से आवेदन की वैरिफिकेशन होगी। वैरिफिकेशन का कार्य सात दिन के भीतर पूरा किया जाएगा।

तीसरे व अंतिम चरण में मालिकाना हक के साथ-साथ सभी कागजातों की जांच की जाएगी। इसके बाद पजेशन स्लिप और हैंड ओवर स्लिप का आदान-प्रदान होगा। एसओपी में यह भी बताया गया है कि पुनर्निर्माण उद्देश्य के लिए फ्लैट को "जैसा है-जहां है" के आधार पर अधिग्रहित किया जाएगा। साइट इंजीनियर आवेदन के सत्यापन, निरीक्षण, दस्तावेज तैयार करने और फ्लैट खाली करने की तारीख की पुष्टि करने के लिए जिम्मेदार होगा।

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