नई दिल्ली, जागरण संवाददाता। Sidhu Moosewala: पंजाबी गायक व कांग्रेस नेता सिद्धू मूसेवाला की हत्या में शामिल फरार चार शूटर मनप्रीत उर्फ मन्नू, जगप्रीत उर्फ रूपा, अंकित सिरसा व दीपक की तलाश में दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल व पंजाब पुलिस छह राज्यों में छापेमारी कर रही है लेकिन वे पुलिस के हाथ नहीं आ रहे हैं। सेल का कहना है कि पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, महाराष्ट्र, चंडीगढ़ व दिल्ली में कुख्यात सतिंदर सिंह उर्फ गोल्डी व लारेंस बिश्नोई गिरोह ने फ्रेंचाइजी फैला रखा है। इन राज्यों में रहने वाले करीब 1000 से अधिक बदमाश लारेंस गिरोह में शामिल हैं।

सेल का कहना है कि फरार चारों बदमाशों के कई संभावित ठिकानें पर छापेमारी की जा चुकी है। कुछ जगहों पर सेल की टीम के पहुंचने से पहले मुखबिरी हो जाने पर बदमाश फरार हो गए। मूसेवाला की हत्या में शामिल छह शूटरों में दो प्रियव्रत उर्फ फौजी व कशिश उर्फ कुलदीप के अलावा उन्हें छिपने, खाने पीने व अन्य कई तरह की मदद पहुंचाने वाले केशव कुमार को गत 14 जून को स्पेशल सेल ने गिरफ्तार कर लिया था।

मूसेवाला हत्या प्रकरण में वैसे तो अब तक पंजाब, दिल्ली व महाराष्ट्र पुलिस करीब 20 से अधिक आरोपितों को गिरफ्तार कर चुकी है जिनमें हत्या में शामिल शूटर, हत्या की साजिश रचने, बदमाशों को सेल्टर देने, उन्हें पैसे, हथियार, वाहन आदि मुहैया कराने वाले शामिल हैं।

स्पेशल सेल के एक अधिकारी का कहना है कि कुख्यात लारेंस गिरोह पर सेल ने मकोका लगा दिया है ऐसे में इसके गिरोह के जितने भी खास सदस्य पकड़े जाएंगे उन सभी पर सेल मकोका के तहत गिरफ्तार करेगी, ताकि लंबे समय तक वे जेल से बाहर नहीं निकल पाए और उन्हें सख्त से सख्त सजा भी मिले। लारेंस हाल के वर्षों का सबसे बड़ा गैंगस्टर के रूप में उभर कर सामने आया है। मकोका का प्रावधान मुंबई के अलावा दिल्ली में भी है। ऐसे में गिरोह पर नकेल कसने के लिए ऐसा निर्णय लिया गया है। क्योंकि पड़ोसी राज्यों के बड़े गैंगस्टरों से दिल्ली भी प्रभावित हो रहा है।

मूसेवाला की हत्या मामले में गिरफ्तार किए गए प्रियव्रत व कुलदीप को सेल ने मकोका के तहत ही गिरफ्तार किया है। फरार चार अन्य को भी सेल मकोका के तहत गिरफ्तार करेगी। इनके नहीं पकड़े जाने पर दिल्ली पुलिस जल्द इनाम की भी घोषणा कर सकती है। प्रियव्रत, हरियाणा, सोनीपत के गढ़ी सिसाना, कुलदीप, झज्जर के गांव बेरी व इन्हें आश्रय देने वाला केशव कुमार, पंजाब के अवा बस्ती का रहने वाला है।

स्पेशल सेल द्वारा उक्त तीनों की गिरफ्तारी मूसेवाला प्रकरण की सबसे बड़ी गिरफ्तारी मानी जा रही है। क्योंकि इनसे पूछताछ में न केवल हत्याकांड की पूरी साजिश व साजिश में शामिल लोगों के बारे में जानकारी मिली बल्कि इनकी निशानदेही पर ऐसे हथियारों का जखीरा बरामद हुआ जो पहली बार बरामद हुए। इनकी निशानदेही पर आठ हाई एक्सप्लोसिव हैंड ग्रेनेड, नो डेटोनेटर, तीन पिस्टल, 36 कारतूस, एक असाल्ट राइफल, 20 कारतूस, एक ग्रेनेड लांचर व एके 47 से ग्रेनेड ब्लास्ट करने वाला उपकरण बरामद किया गया था।

Edited By: Vinay Kumar Tiwari