नई दिल्ली, जेएनएन। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में जहां पारा 45 डिग्री सेल्सियस को छू रहा है, तो दूसरी ओर दिल्ली के कई इलाके पानी और बिजली की किल्लत से जूझ रहे हैं। ऐसे में इन दिनों बिजली कटौती और पानी की समस्या का मुद्दा दिल्ली में सियासी जंग में तब्दील होता जा रहा है। कांग्रेस और भाजपा दोनों ने दिल्ली में सत्तासीन आम आदमी पार्टी सरकार के खिलाफ इन दोनों मुद्दों पर मोर्चा खोल दिया है।

इस कड़ी में दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री और दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी (Delhi Pradesh Congress Committee) की अध्यक्ष शीला दीक्षित राजधानी में पानी की समस्या और बिजली कटौती के मुद्दों पर बुधवार को मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल से मुलाकात करने पहुंचीं। शीला दीक्षित दिल्ली में बिजली और पानी की समस्या को लेकर उनसे बातचीत की। 

मिली जानकारी के मुताबिक, दिल्ली कांग्रेस अध्यक्ष शीला दीक्षित के नेतृत्व में कांग्रेस का प्रतिनिधिमंडल अरविंद केजरीवाल से मिलने पहुंचा था। प्रतिनिधिमंडल में कांग्रेस की तरफ से शीला दीक्षित तीनों कार्यकारी अध्यक्ष हारुन यूसुफ, राजेश लिलोठिया और किरण वालिया मौजूद थीं। मुलाकात के बाद पूर्व ऊर्जा मंत्री और वरिष्ठ कांग्रेसी नेता हारुन यूसुफ ने बताया कि बिजली बिलों के फिक्स चार्ज और पेयजल किल्लत पर अरविंद केजरीवाल से बात हुई।

वहीं, इस मुलाकात पर सौरभ भारद्वाज (प्रवक्ता, AAP) ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि वर्ष 2013 में जब बिजली के मुद्दे पर केजरीवाल दिल्ली की जनता की समस्या लेकर तत्तकालीन सीएम शीला दीक्षित से मिलने आए तो वो नहीं मिली थीं, लेकीन बुधवार को सीएम केजरीवाल जी ने बाकायदा शीला जी की बात सुनी। उन्होंने अपनी बात रखी, लेकिन उसका कोई आधार नहीं था। हमने उनसे तथ्यों पर पूछा तो उनके पास जवाब नहीं था सब एक दूसरे की तरफ देख रहे थे। वहीं, सत्येंद्र जैन (ऊर्जा मंत्री) ने कहा कि कांग्रेस सरकार के मुकाबले AAP सरकार में बिजली सस्ती हुई है। कांग्रेस की तरह बिजली के रेट बढ़ते तो बिजली के बिल 5 गुना महंगी हो जाती। कांग्रेस शासित राज्यों में बिजली के रेट दिल्ली से कम से कम तीन गुना ज़्यादा हैं। 

भाजपा ने दिल्ली में पानी की समस्या के लिए आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार को जिम्मेदार ठहराया है। दिल्ली प्रदेश भाजपा अध्यक्ष मनोज तिवारी ने कहा कि सरकार की लापरवाही की वजह से इस भीषण गर्मी में दिल्ली के लाखों लोगों को पानी नहीं मिल रहा है। अबतक समर एक्शन प्लान भी नहीं बनाया गया है जिससे पता चलता है कि मुख्यमंत्री को न तो दिल्लीवासियों की कोई चिंता है और न ही उनका दिल्ली को लेकर कोई विजन है। उन्होंने कहा कि गर्मी में पानी की किल्लत से निपटने के लिए प्रत्येक वर्ष मई तक समर एक्शन प्लान तैयार कर लिया जाता है, लेकिन इस वर्ष इसे नजरअंदाज कर दिया गया है। प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि जब से मुख्यमंत्री के पास जल विभाग आया है तब से स्थिति और खराब हो गई है। जल बोर्ड घाटे में जा रहा है। मुख्यमंत्री विभिन्न इलाके में जाकर लोगों को पानी की समस्या हल करने का झूठा आश्वासन दे रहे हैं। आम आदमी पार्टी (आप) ने टैंकर माफिया खत्म करने का वादा किया था जो पूरा नहीं हुआ। कई इलाकों में दूषित पानी से लोग जलजनित बीमारियों से पीड़ित हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि दिल्ली में 1125 एमजीडी पानी की जरूरत है, लेकिन आपूर्ति मात्र 895 एमजीडी की हो रही है।

भाजपा सासंद ने पानी की किल्लत को लेकर दिया धरना
नई दिल्ली की सांसद मीनाक्षी लेखी ने मंगलवार को आरके पुरम स्थित जल बोर्ड के कार्यालय पर पानी की किल्लत को लेकर दिल्ली सरकार के खिलाफ मटकों में गंदा पानी लेकर प्रदर्शन किया। प्रदर्शन में नई दिल्ली के जिलाध्यक्ष व पूर्व विधायक अनिल शर्मा व अन्य लोग शामिल रहे। मीनाक्षी लेखी ने कहा कि सांसदों ने अपने प्रयासों से दिल्ली में कई जगहों पर पानी की लाइन बिछवाकर लोगों के घर नल से जल पहुंचाने का काम किया है। उसके बाद भी दिल्ली में आज पानी के जहां नल है वहां पानी नहीं आता है और जहां पानी आता है वो पीने लायक नहीं होता है। इन सब की जिम्मेदार केजरीवाल सरकार है। सरकार महिलाओं के लिए बसों में मुफ्त यात्र करने की बात करती है, लेकिन महिलाओं को घरों में कामकाज के लिए पानी तक नहीं पहुंचा पा रही है।
 

दिल्ली में पानी-बिजली की समस्या गंभीर
यहां पर बता दें कि राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में जहां पारा 45 डिग्री सेल्सियस को छू रहा है, तो दूसरी ओर दिल्ली के कई इलाके पानी की किल्लत से जूझ रहे हैं। दिल्ली में पानी सप्लाई की जिम्मेदारी जल बोर्ड की है और जल बोर्ड के चेयरमैन दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल हैं। अब दिल्ली में पानी की समस्या को लेकर राजनीति शुरू हो गई है। पानी की किल्लत को लेकर भारतीय जनता पार्टी दिल्ली की सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी के खिलाफ सड़क पर उतर आई है। इस दौरान पहले तो दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल पर जुबानी तीर छोड़े गए और फिर सैकड़ों भाजपा कार्यकर्ताओं ने मटके फोड़े। इस प्रदर्शन में जल बोर्ड के कई सदस्य भी मौजूद रहे।

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Posted By: JP Yadav