नई दिल्ली [निहाल सिंह]। अप्रैल में होने वाली निगम चुनाव से पूर्व भाजपा शासित दक्षिणी निगम ने बड़ा दांव खेला है। निगम अपने स्कूलों में छात्रों को पढ़ने के लिए प्रोत्साहित करने और मेधावी छात्र बनाने के लिए साइकिल देगा। फिलहाल निगम ने कक्षा तीन में उत्तीर्ण हुए मेधावी छात्रों को यह साइकिल देने का फैसला किया है। इसमें करीब छह हजार छात्र-छात्राओं को यह साइकिल दी जाएगी। निगम को उम्मीद है कि इससे निगम स्कूलों की ओर अभिभावकों को रुझान बढ़ेगा साथ ही बच्चें भी साइकिल पाने के लिए पढ़ाई में पहले से अधिक ध्यान देंगे। इसके साथ ही जब बच्चें साइकिल चलाएंगे तो इसका लाभ यह होगा कि वह स्वस्थ भी रहेंगे।

दक्षिणी दिल्ली नगर निगम की स्थायी समिति के अध्यक्ष लेफ्टिनेंट कर्नल (रि.) बीके ओबराय ने बताया कि निगम स्कूलों में लगातार बच्चों के दाखिले बढ़ रहे हैं। इसको और गति देने के लिए हमने अभी तीसरी कक्षा में उत्तीर्ण होने वाले कक्षा के पांच प्रतिशत छात्रों को यह साइकिल देने का फैसला किया है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2021-22 के शैक्षणिक सत्र से ही इस योजना को लागू कर रहे हैं। इससे संबंधित प्रस्ताव को दक्षिणी निगम ने मंजूरी दे दी है। ओबराय ने बताया कि स्वस्थ रहने और बच्चों के मानसिक विकास में भी साइकिल महत्वपूर्ण योगदान देती है। उन्होंने कहा कि बचपन में छोटे बच्चों में साइकिल पाने का काफी उत्साह होता है। ऐसे में बच्चों को जब साइकिल की योजना का पता चलेगा तो वह बेहतर पढ़ाई करने की कोशिश करेंगे। जिससे बच्चों का शैक्षणिक विकास भी होगा।

उल्लेखनीय है कि दक्षिणी निगम फिलहाल नर्सरी से लेकर पांचवी कक्षा तक के बच्चों को शिक्षा देता है। निगम के 581 स्कूलों में तीन लाख से ज्यादा बच्चें पढ़ते हैं। इसमें निगम फिलहाल निश्शुल्क शिक्षा के साथ ही निश्शुल्क किताबे, वर्दी और स्टेशनरी देता है। मेधावी छात्रों को एक हजार रुपये की राशि भी दी जाती है। निगम का उद्देश्य करीब दक्षिणी निगम के छह लाख मतदाताओं तक संदेश पहुंचाना है। क्योंकि, उनके छात्रों की संख्या तीन लाख हैं।

छात्राओं को 50 प्रतिशत आरक्षण

मेधावी छात्रों को कक्षा की संख्या के आधार पर तय किया जाएगा। अगर, कक्षा तीन में उत्तीर्ण होने वाले छात्रों की संख्या 100 हैं तो कक्षा के पांच मेधावी छात्रों को यह साइकिल दी जाएगी। इसमें 50 प्रतिशत छात्राओं को साइकिल मिलेगी जबकि 50 प्रतिशत छात्रों को मिलेगी। निगम का उद्देश्य दोनों श्रेणियों में प्रोत्साहन देना है। इसलिए मेधावी पुरस्कार के लिए छात्रों की सूची अलग बनेगी तो छात्राओं की अलग बनेगी।

Edited By: Prateek Kumar