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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 06, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

ED के लिए आबकारी नीति घोटाला मामले में महत्वपूर्ण कड़ी साबित हो सकते हैं संजय सिंह, करोड़ों के लेन-देन का आरोप

By Vineet TripathiEdited By: Geetarjun
Published: Fri, 06 Oct 2023 12:05 AM (IST)

आबकारी नीति घोटाला मामले में ईडी ने अदालत के समक्ष दाखिल किए गए रिमांड आवेदन में राज्यसभा सदस्य संजय सिंह ...और पढ़ें

ED के लिए आबकारी नीति घोटाला मामले में महत्वपूर्ण कड़ी साबित हो सकते हैं संजय सिंह।
ED के लिए आबकारी नीति घोटाला मामले में महत्वपूर्ण कड़ी साबित हो सकते हैं संजय सिंह।

HighLights

  1. शराब समूहों से रिश्वत वसूली के लिए संजय सिंह ने रची थी आपराधिक साजिश: ईडी।
  2. कई मौके पर संजय सिंह के करीबियों ने उनके आवास पर ली रिश्वत की रकम।

जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। दिल्ली की आबकारी नीति घोटाला (Delhi Excise Policy Scam) मामले में ईडी ने अदालत के समक्ष दाखिल किए गए रिमांड आवेदन में राज्यसभा सदस्य संजय सिंह पर रिश्वत लेने से लेकर आबकारी नीति में अहम भूमिका निभाने के गंभीर आरोप लगाए हैं। रिमांड आवेदन में ईडी ने कहा कि संजय सिंह आबकारी घोटाला में आम आदमी पार्टी (आप, AAP) के एक मुख्य साजिशकर्ता हैं और वह दिनेश अरोड़ा व अमित अरोड़ा समेत कई आरोपितों/संदिग्धों के संपर्क में थे। ईडी ने कहा कि राज्यसभा सदस्य के करीबियों ने दिनेश अरोड़ा के लोगों के जरिए अपने आवास पर रिश्वत की धनराशि ली थी।

दिनेश अरोड़ो के संजय सिंह से वर्षों पुराने संबंध

ईडी ने कहा कि संजय सिंह के दिनेश अरोड़ा के वर्ष 2017 से करीबी रिश्ते हैं, जोकि दोनों के बीच हुई कॉल-रिकार्ड से स्प्ष्ट होता है। इतना ही नहीं संजय सिंह के करीबी, स्टाफ व टीम के सदस्य विवेक त्यागी, अजीत त्यागी और सर्वेश मिश्रा के साथ भी दिनेश अरोड़ा के संबंध हैं।

संजय सिंह के आवास पर एक करोड़ का हुआ लेन-देन

जांच में यह पता चला कि दिनेश अरोड़ा ने आप मीडिया प्रभारी विजय नायर के निर्देश पर अन्य आरोपी समीर महेंद्रू से अगस्त, 2021 में तीन करोड़ रुपये की रिश्वत ली थी। विजय नायर के ही निर्देश पर उक्त धनराशि में से एक करोड़ रुपये संजय सिंह के आवास पर उनके कर्मचारी संजय मिश्रा को दिनेश अरोड़ा के कर्मचारी ने दिए थे।

चार करोड़ रुपये का भी खेल

इसके अलावा दिनेश अरोड़ा ने नायर के निर्देश पर चार करोड़ रुपये रिश्वत के रूप में आरोपित अभिषेक बोइनपल्ली से लिए थे। इसमें से दो करोड़ रुपये हरिंद्र सिंह ने अभिषेक के डिफेंस कॉलोनी स्थित कार्यालय से लिए थे, जबकि एक करोड़ रुपये नकद संजय सिंह के आवास पर उनके कर्मचारी संजय मिश्रा ने लिया था।

जांच में यह भी पता चला कि संजय सिंह ने इसके अलावा एक करोड़ रुपये ओखला स्थित इंडो स्प्रिट्स के ऑफिस से उठाए थे। ईडी ने यह भी कहा कि जांच में पता चला है कि वर्ष 2020 में अमित अरोड़ा और दिनेश अरोड़ा से मिलने उनके घर पर गए थे। इस दौरान निदेश ने अमित को विवेक त्यागी से यह कहते हुए मिलाया था कि वह संजय सिंह और मनीष सिसोदिया का करीबी है। इस बैठक में सर्वेश मिश्रा, अजीत त्यागी भी मौजूद थे।

निजी लोगों को फायदा पहुंचाने की साजिश में शामिल रहे संजय सिंह

ईडी ने रिमांड आवेदन में यह भी दावा किया कि आबकारी नीति में निजी लोगों को फायदा पहुंचाने की साजिश रचने में संजय सिंह शामिल रहे। ईडी ने आरोप लगाया कि संजय सिंह ने आरोपित उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया के माध्यम से प्रस्तावित आबकारी नीति-2020-21 में ब्रांड पंजीकरण श्रेणी बदलाव करवाना सुनिश्चित किया था।

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इसके बदले संजय सिंह के करीबी व संसदीय सहायक पंकज त्यागी को अमित अरोड़ा की अरालियास हॉस्पिटैलिटी प्राइवेट कंपनी में हिस्सा दिया गया था। ईडी ने कहा कि विवेक त्यागी को शराब जैसे बड़े व्यापार का कोई अनुभव नहीं है और ऐसे में यह साबित होता है कि वह सिर्फ संजय सिंह का डमी था। ईडी ने इसके साथ ही अमित अरोड़ा, विवेक कुमार त्यागी और दिनेश अरोड़ा के बीच गैर-हस्ताक्षरित एमओयू का जिक्र करते हुए कहा कि इसमें कुछ आउटकम आने की शर्तें दी गई थी।

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