नई दिल्ली, जागरण संवाददाता। राजधानी में रूस का वीजा दिलाने के नाम पर ठगी करने वाले कई गिरोह सक्रिय हैं। गिरोह के सदस्य रूस दूतावास के बाहर तैनात रहते हैं। जो भी दूतावास में वीजा के लिए आता है। उसे फंसाने का हर संभव प्रयास करते हैं। अभी कुछ दिन पहले चाणक्य पुरी थाना पुलिस ने हरियाणा के करनाल से दो लोगों को रूस का वीजा दिलाने के नाम तीन लोगों से ठगी के आरोप में गिरफ्तार किया था। आरोपितों के पास से कई पासपोर्ट भी बरामद किए गए थे। इस मामले में अभी पुलिस की जांच चल रही है।

इस मामले की जांच पुरी भी नहीं हुई की इसी तरह की ठगी का एक और मामला चाणक्य पुरी थाने में दर्ज किया गया है।जानकारी के अनुसार, मूलरूप से बिहार के पूर्वी चंपारण के मलाही इलाके के रहने वाले ओम प्रकाश रूस में जाकर काम करना चाहते हैं। उन्होंने बी-टेक किया हुआ है। इससे पहले वे कई जगहों पर नौकरी कर चुके हैं। उन्होंने चाणक्य पुरी थाने में दी शिकायत में बताया है कि 20 अगस्त को वे रूस के जाने के लिए वीजा के लिए रूस दूतावास आए थे। यहां पर कहा गया कि बेवसाइट ही सारे काम होंगे। जब वह दूतावास से बाहर निकले तो संजीव अरोड़ा नाम का एक व्यक्ति मिला उसने जल्दी वीजा दिलवाने का झांसा देकर उनके 25 हजार रुपये ले लिए। और कहा कि कुछ दिन बाद पासपोर्ट कार्यालय से वीजा मिल जाएगा।

आरोप है कि आरोपित ने कई बार में उनसे 65 हजार रुपये लिए और फर्जी वीजा दे दिया। बाद में दूतावास में पता किया तो वह फर्जी निकला। बता दें कि रूस का वीजा दिलाने के नाम पर पहले भी इस तरह के कई मामले सामने आ चुके हैं। फिलहाल पुलिस ने पीड़ित की शिकायत पर रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

Edited By: Vinay Kumar Tiwari