यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 15, 2021 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
पढ़िए विजयादशमी के दिन इलेक्ट्रॉनिक मीडिया पर क्यों भड़के कुमार विश्वास, क्या कहा?
आमतौर पर कुमार विश्वास अपने ट्विटर हैंडल का इस्तेमाल शेरों-शायरियां और सामाजिक संदेश देने के लिए ही करते हैं मगर ...और पढ़ें

नई दिल्ली, आनलाइन डेस्क। आमतौर पर कुमार विश्वास अपने ट्विटर हैंडल का इस्तेमाल शेरों-शायरियां और सामाजिक संदेश देने के लिए ही करते हैं मगर कई बार वो भी व्यवस्थाओं से खिन्न हो जाते हैं। खिन्न होने पर उनकी ये नाराजगी भी इंटरनेट मीडिया पर ही दिखाई पड़ती है, वो अपनी बात को खुलकर मगर बिना नाम लिए हुए लिख देते हैं और नाराजगी जाहिर भी कर देते है। इन दिनों इलेक्ट्रानिक मीडिया पर जो चीजें पूरे दिन दिखाई और सुनवाई जा रही है कुमार उससे नाराज है, कुछ नयापन और ज्ञानवर्धक देखने को मिल ही नहीं रहा है। इन दिनों इलेक्ट्रानिक मीडिया के पास चंद चीजें हैं और वो उसी के इर्द गिर्द पूरे दिन घूमता रहता है।
अपने ट्विटर हैंडल पर उन्होंने पहले विरोध दर्ज कराया। लिखा कि महंगाई, बेरोज़गारी, किसान आंदोलन, आर्थिक अनिश्चितता, सीमा अतिक्रमण व जन-स्वास्थ्य जैसी ज़रूरी बहसों से मुँह फेरकर, गाँधी-सावरकर व “छह ग्राम सेलिब्रिटी नशा” जैसी अप्रासंगिक थेथरई पर पूरा-पूरा दिन स्क्रीन समर्पित करने के लिए किस ख़ास तरह की बेशर्मी व कुतार्किक पाखंड की ज़रूरत होती होगी?
इसके बाद उन्होंने अगला ट्वीट किया कि विजयादशमी के मौके पर बधाई देते हुए की। उन्होंने अपने एकाउंट पर पोस्ट किया कि “राम होने में या रावण में है अंतर इतना एक दुनिया को खुशी दूसरा गम देता है। हम ने रावण को बरस दर बरस जलाया है कौन है वो जो इसे फिर से जनम देता है..?” असत्य पर सत्य की विजय का यह पावन पर्व पूरे विश्व की समस्त शुभ संभावनाओं को साकार होने की सामर्थ्य दे। शुभ #विजयादशमी
