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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 09, 2021 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

दिल्ली नगर निगम चुनाव 2022 में होगी उत्तर प्रदेश के 'रावण' की एंट्री, पढ़िये- क्या है पूरा मामला

By Jp YadavEdited By:
Published: Sat, 09 Oct 2021 08:58 AM (IST)

Delhi MCD Election 2022 दिल्ली नगर निगम चुनाव 2022 बेहद रोचक होने के साथ-साथ चतुष्कोणीय भी हो सकता है क्योंकि ...और पढ़ें

दिल्ली नगर निगम चुनाव 2022 में होगी 'रावण' की एंट्री, AAP-कांग्रेस और भाजपा को होना होगा सतर्क
दिल्ली नगर निगम चुनाव 2022 में होगी 'रावण' की एंट्री, AAP-कांग्रेस और भाजपा को होना होगा सतर्क

नई दिल्ली [निहाल सिंह]। राजधानी दिल्ली में अगले वर्ष होने वाले दिल्ली नगर निगम चुनावों में 'रावण' की भी एंट्री होने जा रही हैं। दरअसल, दिल्ली नगर निगम चुनाव 2022 बेहद रोचक और चतुष्कोणीय भी हो सकता है, क्योंकि चंद्रशेखर 'रावण' के नेतृत्व वाली आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) भी चुनावी मैदान में कूदने जा रही है। बता दें कि दिल्ली में सबसे अधिक मतदाता दलित ही हैं, ऐसे में चंद्रशेखर की पार्टी आम आदमी पार्टी, भारतीय जनता पार्टी और कांग्रेस को भी नुकसान पहुंचा सकती है। ऐसे में तीनों ही पार्टियों को चंद्रशेखर 'रावण' की पार्टी से सतर्क रहना होगा।

बता दें कि आजाद समाज पार्टी के अध्यक्ष चंद्रशेखर (Azad Samaj Party President Chandrashekhar) ने तीनों निगमों की सभी 272 सीटों पर चुनाव लड़ने की घोषणा की है। साथ ही आम आदमी पार्टी (आप) के नेता नरेन भीकूराम जैन को पार्टी में शामिल कर चुनाव की कमान दे दी है।

चंद्रशेखर ने शुक्रवार को एक प्रेस वार्ता में कहा कि राजनीतिक दल गरीब और कमजोर लोगों के वोट लेकर भी उन्हें लूटते रहे हैं। हमारी पार्टी ऐसे लोगों को न्याय दिलाने का काम करेगी। उन्होंने कहा कि सभी 272 सीटों पर प्रत्याशी उतारे जाएंगे। पार्टी ने नरेन भीकूराम जैन को निगम चुनाव की जिम्मेदारी दी है। आप छोड़ने पर नरेन ने कहा कि वह दिल्ली की समस्याओं को समझते हैं, इन समस्याओं को दूर करने के लिए काम किया जाएगा।

उल्लेखनीय है कि नरेन के पिता भीकूराम जैन कांग्रेस के टिकट पर चांदनी चौक से सासंद रहे थे। नरेन वर्ष 2012 में आप में शामिल हुए थे और वर्ष 2017 में उन्होंने चांदनी चौक से निगम चुनाव लड़ा था, हालांकि वह हार गए थे। वर्ष 2013 में जब मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने 49 दिनों की सरकार चलाने के बाद इस्तीफा दिया था तो नरेन ने उन्हें फ्लैग स्टाफ रोड स्थित अपना आवास एक रुपये किराये पर देने का प्रस्ताव दिया था।