नई दिल्‍ली, एएनआइ। वीवीआईपी चौपर अगस्ता वेस्टलैंड डील घोटाले से जुड़े मनी लांड्रिंग मामले में कारोबारी और मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ के भांजे रतुल पुरी को दिल्ली हाई कोर्ट बुधवार को अग्रिम जमानत मामले में राहत दी है। वहीं, एक बार फिर उन्‍होंने कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। इस बार उन्‍होंने कोर्ट में अपने खिलाफ जारी गैर जमानती वारंट को रद करने के लिए याचिका दायर की है। उन्‍होंने कहा कि मैं जांच में शामिल होना चाहता हूं और इसके लिए गैर जमानती वारंट रद होना चाहिए। 

इससे पहले जमानत याचिका स्पेशल कोर्ट द्वारा खारिज करने के खिलाफ दिल्ली हाई कोर्ट में सुनवाई हुई। 9 अगस्त को राउज एवेन्यू कोर्ट ने भी रतुल पुरी की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी थी।

हाई कोर्ट में रतुल पुरी की ओर से पेश वकील अभिषेक मनु सिंघवी और विजय अग्रवाल ने कहा था कि रतुल पुरी हमेशा जांच में सहयोग कर रहे हैं अभी तक 25 से ज्यादा बार ईडी के बुलाने पर पूछताछ के लिए जा चुके हैं। 200 से ज्यादा घंटे उनसे पूछताछ हो चुकी है। पीएमएलए के सेक्शन 50 में 107 पेज का बयान वो दर्ज करवा चुके हैं, फिर भी ईडी उन्हें कस्टडी में लेकर पूछताछ क्यों करना चाहती है, रतुल पुरी ना तो देश छोड़कर भागने वाले और ना ही वो जांच में किसी तरह का हस्तक्षेप कर रहे हैं। ऐसे में पुरी को अग्रिम जमानत मिलनी मिलनी चाहिए।

Posted By: Prateek Kumar

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