नई दिल्ली (जेएनएन)। जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय छात्र संघ चुनाव (JNUSU) में इस बार कश्मीर से लेकर पूर्वोत्तर के विद्यार्थी चुनाव मैदान में हैं। जेएनयू छात्र संघ चुनाव के लिए बुधवार (12 सितंबर) रात नौ बजे के बाद प्रेसिडेंशियल डिबेट होगी। इसके साथ ही जेएनयू छात्र संघ चुनाव के लिए प्रचार की समय सीमा खत्म हो जाएगी।

जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) छात्र संघ चुनाव में आठ उम्मीदवारों ने अध्यक्ष पद पर उम्मीदवारी जताई है। बुधवार रात प्रेसिडेंशियल डिबेट (अध्यक्षीय परिचर्चा) में ये आठों उम्मीदवार आमने-सामने होंगे। उपाध्यक्ष, महासचिव और सह-सचिव पद के लिए चार-चार प्रत्याशी चुनावी मैदान में हैं। 14 सितंबर को मतदान होगा।

मालूम हो कि इस बार छात्र संघ चुनाव प्रचार में राजनीतिक पार्टियों के दिग्गज नेताओं ने भी पूरी ताकत झोंक रखी है। जहां एनएसयूआइ के समर्थन में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पी. चिदंबरम, शशि थरूर, सलमान खुर्शीद जेएनयू में आयोजित विद्यार्थियों के संवाद कार्यक्रम में पहुंचे थे। वहीं एबीवीपी ने पूर्वोत्तर के तीन राज्यों के मुख्यमंत्रियों को कोयना छात्रावास में आयोजित एक संवाद कार्यक्रम में बुलाया था।

प्रेसिडेंशियल डिबेट से एक दिन पहले मंगलवार को विभिन्न छात्र संगठनों के नेताओं और अध्यक्ष पद के उम्मीदवारों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर चला। मंगलवार को जेएनयू छात्र संघ चुनाव में एबीवीपी के अध्यक्ष पद के उम्मीदवार ललित पांडेय ने वामदल छात्र संगठनों के गठबंधन के अध्यक्ष पद के उम्मीदवार एन साई बालाजी पर आरोप लगाया कि उन्होंने संसद भवन हमले के मास्टरमाइंड अफजल गुरू के समर्थन में प्रदर्शन किया था। उसकी फोटो अपने फेसबुक अकाउंट पर साझा की है, जो वायरल हो रही है। वहीं एन साई बालाजी ने एबीवीपी के आरोपों को बेबुनियाद बताया। उन्होंने कहा कि उक्त संगठन उनके खिलाफ दुष्प्रचार कर रहा है।

ये हैं प्रेसिडेंशियल डिबेट के आठ प्रत्याशी
जेएनयू छात्र संघ चुनाव में अध्यक्ष पद के उम्मीदवार इस प्रकार हैं वाम संगठनों की तरफ से एन साई बालाजी, एबीवीपी के ललित पांडेय, बापसा के टीपी प्रवीण, एनएसयूआई के विकास यादव और राजद के जयंत कुमार। यह सभी प्रेसिडेंशियल डिबेट में हिस्सा लेंगे। वहीं डिबेट में तीन निर्दलीय उम्मीदवार भी अध्यक्ष पद के लिए मैदान में हैं। कश्मीर निवासी जाहु कुमार हीर, साइब बिल्लावल और निधि मिश्रा अध्यक्ष पद के लिए निर्दलीय चुनाव लड़ रही हैं।

क्यों होती है प्रेसिडेंशियल डिबेट
जेएनयू छात्र संघ चुनाव में प्रेसिडेंशियल डिबेट को काफी अहम माना जाता है। चुनाव प्रचार के अंतिम दिन आयोजित होने वाली इस डिबेट के लिए अध्यक्ष पद के सभी प्रत्याशी लंबी तैयारी करते हैं। मतदान करने वाले छात्रों में भी प्रेसिडेंशियल डिबेट को लेकर काफी दिलचस्पी रहती है। दरअसल इस दौरान अध्यक्ष पद के सभी उम्मीदवार चुनावों को लेकर बारी-बारी से अपना पक्ष रखते हैं। माना जाता है कि इसी दौरान अध्यक्ष पद के उम्मीदवार की जीत तय हो जाती है। जिसका भाषण जितना दमदार होता है, उसकी जीत की संभावना उतनी प्रबल हो जाती है।