नई दिल्ली, जागरण संवाददाता। अजमेरी गेट स्थित उत्तरी दिल्ली नगर निगम के गिरधारी लाल अस्पताल में असामाजिक तत्वों के प्रवेश से उपचार के लिए भर्ती गर्भवती व अन्य महिला मरीज परेशान हैं। मरीजों का आरोप है कि रात में सुरक्षा गार्ड की तैनाती नहीं होने से बाहर से लोग बेधड़क वार्ड और महिला शौचालय में प्रवेश कर जा रहे हैं। ऐसे में उन्हें रात जागकर बितानी पड़ रही है।

डर रहता है कि कोई बाहर से आने वाला व्यक्ति बच्चे को उठाकर न ले जाए। आरोप है कि अस्पतपाल के भीतर बाहरी व्यक्तियों से कोई रोकटोक करने वाला नहीं है। रोजाना किसी ने किसी मरीज के साथ आपराधिक वारदात होना आम बात हो गई है। मरीज शिवानी ने बताया कि मरीजों का सामान व मोबाइल फोन भी चोरी हो रहे हैं। इसके लिए चिकित्सक व प्रबंधन से जुड़े लोगों से शिकायत की जा चुकी है।

लेकिन अभी तक इन घटनाओं की रोकथाम के लिए कोई कदम नहीं उठाया गया है। मरीज शबनम ने कहा कि पहले भी बच्चा चोरी होने की बात लोग बताते हैं। बगल में ही कई ट्रांसपोर्टरों के गोदाम हैं, जहां से रात में माल ढुलाई होती है। अस्पताल के बाहर रात में बड़ी संख्या में ट्रक भी खड़े होते हैं।

ये भी पढ़े Chhath Mahaparv: छठ पूजा को लेकर सरकारी निर्देशों का इंतजार कर रहीं समितियां, सरकार से मांगा सहयोग

उनके ड्राइवर भी अस्पताल का शौचालय इस्तेमाल करते हैं। इस संबंध में उत्तरी निगम के महापौर राजा इकबाल को काल और संदेश भेजा गया, लेकिन उनका जवाब नहीं मिला। मरीज रज्जो ने बताया कि अस्पताल में महिला सुरक्षा को लेकर ठोस कदम उठाए जाने की जरूरत है।

Edited By: Pradeep Chauhan