यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 08, 2021 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Yamuna River Pollution News: दिल्ली-एनसीआर में हवा के साथ पानी में भी प्रदूषण, बढ़ गया जलसंकट
यमुना नदीं में प्रदूषण की वजह से दिल्ली के अधिकांश क्षेत्र में पिछले दो दिनों से जल आपूर्ति बाधित हो ...और पढ़ें

नई दिल्ली [संतोष कुमार सिंह]। दिल्ली-एनसीआर में सिर्फ हवा में ही प्रदूषण नहीं है, बल्कि जल प्रदूषण भी दिक्कत कर रहा है। दरअसल यमुना नदीं में प्रदूषण की वजह से दिल्ली के अधिकांश क्षेत्र में पिछले दो दिनों से जल आपूर्ति बाधित हो रही है। त्योहार के दिनों में लोगों के घरों में पानी नहीं आने से परेशानी बढ़ गई है। यह समस्या पहली बार नहीं हुई है। अक्सर यमुना नदी में अमोनिया का मात्रा बढ़ने से दिल्लीवासियों के घरों में पानी की आपूर्ति बढ़ जाती है।
दिल्ली सरकार इस समस्या के लिए हरियाणा सरकार को जिम्मेदार ठहराती है। उसका कहना है कि कई बार याद दिलाने के बावजूद हरियाणा में औद्योगिक इकाइयों से निकलने वाले जल अपशिष्ट को बिना शोधित किए नदी में डाल दिया जा रहा है जिससे प्रदूषण बढ़ रहा है। इसे लेकर राजनीति भी खूब होती है। प्रत्येक चुनाव में यमुना की सफाई मुद्दा बनता है। इसे साफ करने को लेकर बड़े-बड़े दावे किए जाते हैं। लेकिन, स्थिति में कोई सुधार नहीं है। अक्सर इस पवित्र नदी में जहरीले झाग तैरते हुए देखे जा सकते हैं।
गत वर्ष राष्ट्रीय हरित न्यायाधिकरण (एनजीटी) की ओर से गठित यमुना निगरानी समिति (वाईएमसी) ने इसे गंभीरता से लेते हुए केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण समिति (सीपीसीबी) , दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति (डीपीसीसी) से रिपोर्ट मांगने के साथ ही जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई करने को कहा था। आरोप-प्रत्यारोप, ¨चता, आलोचना व दावे से ऊपर उठकर यमुना को साफ करने के लिए ठोस कदम उठाने की जरूरत है। यह नदी दिल्ली की जीवन रेखा है। दिल्लीवासियों की प्यास इसी से मिटती है, इसलिए इसे स्वच्छ रखना हम सभी की जिम्मेदारी है। इसके विपरीत यमुना दिल्ली में ही सबसे ज्यादा प्रदूषित है। इसका एक कारण गंदे नालों पानी बिना शोधित हुए गिरता है।
इसके साथ हरियाणा की औद्योगिक इकाइयों से भी प्रदूषण बढ़ रहा है। इसे ध्यान में रखकर दिल्ली सरकार को हरियाणा सरकार के सामने इस मुद्दे के मजबूती के साथ उठाने के साथ ही अपने स्तर पर नदी को साफ करने के लिए गंभीरता पूर्वक काम करना होगा। यमुना की धारा को अविरल बनाने में आम नागरिक को भी अपना योगदान देना चाहिए।
