नई दिल्ली [आशीष गुप्ता]। हाशिम बाबा गैंग का गुर्गा बताकर गाजीपुर के कारोबारी से 50 लाख रुपये की रंगदारी मांगने वाले दो बदमाशों को पुलिस ने तिहाड़ जेल से गिरफ्तार किया है। इनमें लोनी गाजियाबाद निवासी आस मुहम्मद उर्फ आशू खान उर्फ आशू चौधरी और दानिश उर्फ तिग्गी शामिल है।

दोनों को रिमांड पर लेकर उनसे पूछताछ की जा रही है। यह पहला मामला नहीं है, जब जेल में बंद बदमाशों ने रंगदारी मांगी हो। इससे पहले भी इस तरह की शिकायतें पुलिस तक पहुंच चुकी हैं।

पूर्वी जिला पुलिस उपायुक्त प्रियंका कश्यप ने बताया कि गत 13 जून को गाजीपुर में रहने वाले कारोबारी ने शिकायत दर्ज कराते हुए आरोप लगाया था कि गैंगस्टर हाशिम बाबा गैंग का गुर्गा बताकर एक व्यक्ति इंटरनेट काल कर 50 लाख रुपये की रंगदारी मांग रहा है।

उसने धमकी दी है कि रकम नहीं दी तो पूरे परिवार को जान से मार देगा। पीड़ित कारोबारी ने यह भी बताया कि इससे पहले उनके पास 10 जून को भी काल आई थी, जिसे उन्होंने गंभीरता से नहीं लिया था।

उन्होंने बताया कि इस शिकायत पर लोकल पुलिस के अलावा स्पेशल स्टाफ को भी जांच में लगाया गया। जांच टीम ने टेक्निकल सर्विलांस की मदद ली, उससे मालूम हुआ कि काल तिहाड़ जेल नंबर-आठ से की गई थी। छानबीन आगे बढ़ी तो टीम को यह जानकारी मिली की काल आस मुहम्मद उर्फ आशू खान नामक बदमाश ने की।

पुलिस ने तिहाड़ जेल से उसे औपचारिक रूप से गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में बताया कि अपने साथी दानिश उर्फ तिग्गी के साथ मिलकर रंगदारी मांगी थी। दानिश वेलकम स्थित जनता कालोनी का रहने वाला है और फिलहाल हत्या के मामले में उसके साथ ही जेल में बंद है।

इस पर दानिश को भी गिरफ्तार कर लिया। बता दें कि आशू लूटपाट के दो मामलों में वर्ष 2017 से सजा काट रहा है। उसके खिलाफ पहले से 31 आपराधिक मामले दर्ज हैं। वह पहले रोहिणी जेल में बंद था। कुछ दिनों पहले ही उसे तिहाड़ जेल भेजा गया है।

जेल की सुरक्षा व्यवस्था पर कोर्ट उठा चुका सवाल

जेल में बंद अपराधियों द्वारा फोन से रंगदारी मांगने और धमकाने का यह पहला मामला नहीं है। कुछ ही दिन पहले करोल बाग के कपड़ा व्यापारी से पांच करोड़ रुपये की रंगदारी मांगने के आरोप में लारेंस बिश्नोई गैंग का शार्प शूटर अक्षय पलड़ा मंडोली जेल से गिरफ्तार हुआ था।

जेल में फोन जैसी वस्तु का पहुंचना वहां की कई स्तरीय सुरक्षा व्यवस्था को धता बताता है। इसे लेकर कोर्ट भी सवाल उठा चुकी है। एक मामले की सुनवाई करते हुए 31 मई को कड़कड़डूमा कोर्ट ने तिहाड़ जेल की त्रिस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था को कठघरे में खड़ा किया, साथ ही सात बिंदुओं पर जेल महानिदेशक से रिपोर्ट मांगी थी।

Edited By: Geetarjun Gautam