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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 11, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

विज्ञापनों में डाबर का उल्लेख ही नहीं... एकल पीठ के आदेश को पतंजलि ने हाई कोर्ट में दी चुनौती

Published: Thu, 11 Sep 2025 10:08 PM (GMT+05:30)

बाबा रामदेव की पतंजलि आयुर्वेद लिमिटेड ने दिल्ली उच्च न्यायालय में डाबर च्यवनप्राश के खिलाफ विज्ञापन पर रोक के आदेश ...और पढ़ें

डाबर च्यवनप्राश से जुड़े मामले में एकल पीठ के निर्णय को पतंजलि ने दी चुनौती।
डाबर च्यवनप्राश से जुड़े मामले में एकल पीठ के निर्णय को पतंजलि ने दी चुनौती।

HighLights

  1. पतंजलि ने विज्ञापन पर रोक को चुनौती दी
  2. दिल्ली हाई कोर्ट में होगी सुनवाई
  3. डाबर ने अपमानजनक विज्ञापन का आरोप लगाया

जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। डाबर च्यवनप्राश के खिलाफ अपमानजनक विज्ञापन चलाने से रोकने के एकल पीठ के आदेश को बाबा रामदेव की पतंजलि आयुर्वेद लिमिटेड ने दिल्ली हाई कोर्ट में चुनौती दी है।

याचिका पर शुक्रवार को न्यायमूर्ति सी हरिशंकर व ओम प्रकाश शुक्ला की पीठ सुनवाई होने की संभावना है। एकल पीठ ने डाबर की याचिका पर तीन जुलाई को आदेश दिया था।

एकल पीठ ने डाबर के खिलाफ  टीवी और प्रिंट दोनों विज्ञापनों को प्रथमदृष्टया अपमानजनक मानते हुए अंतरिम रोक लगा दी थी।

साथ ही पतंजलि को निर्देश दिया कि वह प्रिंट विज्ञापनों से '40 जड़ी-बूटियों से बने साधारण च्यवनप्राश से ही क्यों संतुष्ट हों?' वाली पंक्ति को हटाए।

याचिका में पतंजलि की ओर से अदालत के समक्ष दावा किया है कि उसके विज्ञापन में डाबर का कोई उल्लेख नहीं है।  

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