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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 06, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

इस वर्ष गर्मी में 10 प्रमुख शहरों क्षेत्रों में ओजोन बढ़ा, दिल्ली सबसे अधिक प्रभावित

Published: Tue, 06 Aug 2024 11:53 PM (IST)

Ozone Level Increase राष्ट्रीय राजधानी में इस बार लोगों ने खतरनाक गर्मी का अनुभव किया। मौसम के इस अप्रत्याशित बदले ...और पढ़ें

इस वर्ष गर्मी में 10 प्रमुख शहरों क्षेत्रों में ओजोन बढ़ा, दिल्ली सबसे अधिक प्रभावित।
इस वर्ष गर्मी में 10 प्रमुख शहरों क्षेत्रों में ओजोन बढ़ा, दिल्ली सबसे अधिक प्रभावित।

HighLights

  1. सेंटर फॉर साइंस एंड एन्वायरमेंट (सीएसई) की रिपोर्ट में गर्मी बढ़ने को लेकर चौंकाने वाली जानकारी आई सामने।
  2. गर्मियों में देश के महानगरों में बढ़ा ओजोन का स्तर।

राज्य ब्यूरो, नई दिल्ली। राष्ट्रीय राजधानी में इस बार लोगों ने खतरनाक गर्मी का अनुभव किया। मौसम के इस अप्रत्याशित बदले पैटर्न पर सेंटर फॉर साइंस एंड एनवायरनमेंट (सीएसई) द्वारा गहन अध्ययन किया गया। इस नए अघ्ययन में कहा गया है कि 2024 की गर्मियों में, भारत के 10 प्रमुख महानगरीय क्षेत्रों में ओजोन का स्तर बढ़ गया।

इनमें राष्ट्रीय राजधानी को बुरी तरह प्रभावित पाया गया। जहां यह अध्ययन किया गया है उनमें बेंगलुरु मेट्रोपॉलिटन एरिया (कर्नाटक), चेन्नई मेट्रोपॉलिटन एरिया (तमिलनाडु), दिल्ली-एनसीआर, ग्रेटर अहमदाबाद (गुजरात), ग्रेटर हैदराबाद (तेलंगाना), ग्रेटर जयपुर (राजस्थान), कोलकाता मेट्रोपॉलिटन एरिया (पश्चिम बंगाल), ग्रेटर लखनऊ (उत्तर प्रदेश), मुंबई मेट्रोपॉलिटन क्षेत्र (महाराष्ट्र) और पुणे मेट्रोपॉलिटन क्षेत्र (महाराष्ट्र) शामिल हैं।

सीएसई के शहरी प्रयोगशाला के कार्यक्रम प्रबंधक अविकल सोमवंशी बताते हैं कि इस अध्ययन के लिए एक अप्रैल से 18 जुलाई तक 2020 से 2024 तक के आंकड़े लिए गए हैं।

कौन से शहर में ओजोन की अधिकता

सभी 10 महानगरीय क्षेत्रों में जमीनी स्तर पर ओजोन की अधिकता सामने आई है। इनमें दिल्ली सबसे अधिक प्रभावित है। इस वर्ष अब तक दिल्ली-एनसीआर में 176 दिनों की अधिकता दर्ज की गई है। मुंबई और पुणे 138 दिनों की अधिकता के साथ दूसरे स्थान पर हैं।

जयपुर में 126 दिनों, हैदराबाद 86 दिन, कोलकाता 63 दिन, बेंगलुरु 59 दिन, लखनऊ 49 दिन और अहमदाबाद में 41 दिन की अधिकता देखी गई है। सबसे कम संख्या में अधिकता चेन्नई में दर्ज की गई मात्र नौ दिन।

1 अप्रैल से 15 जुलाई तक जयपुर में ओजोन का क्षेत्रीय औसत 81.2 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर है, जबकि एनसीआर का 73.3 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर और मुंबई का 34.8 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर है। चेन्नई का क्षेत्रीय औसत सबसे कम 24.3 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर है, लेकिन दक्षिणी मेट्रो में शिखर 192.7 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर दर्ज किया गया, जो 10 महानगरीय क्षेत्रों में तीसरा सबसे अधिक है।

दिल्ली में डॉ. कर्णी सिंह शूटिंग रेंज और लोदी कॉलोनी, मुंबई में नेवी नगर, कोलकाता में फोर्ट विलियम, हैदराबाद में कपरा, बेंगलुरु में बीएमटी लेआउट, चेन्नई में वेलाचेरी, पुणे में सावित्रीबाई फुले विश्वविद्यालय, पुलिस जयपुर में कमिश्नरेट, लखनऊ में गोमती नगर और अहमदाबाद में मणिनगर सभी जमीनी स्तर पर ओजोन प्रदूषण के हॉटस्पॉट हैं।

सीएसई की रिसर्च व एडवोकेसी की कार्यकारी निदेशक अनुमिता राय चौधरी बताती हैं कि 2020 स्टेट ऑफ ग्लोबल एयर रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत में जमीनी स्तर पर ओजोन के कारण होने वाली मृत्यु की आयु-मानकीकृत दरें सबसे अधिक हैं। मौसमी आठ घंटे की दैनिक अधिकतम सांद्रता ने 2010 और 2017 के बीच भारत में सबसे अधिक लगभग 17 प्रतिशत वृद्धि दर्ज की है।