यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jun 06, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Delhi: सामान्य से अधिक रहा इस बार भी ओजोन गैस का स्तर, पर पिछले साल के मुकाबले सुधरे हालात
दिल्ली-एनसीआर में मार्च से मई के दौरान 87 दिन के अंतराल में ओजोन गैस का स्तर बढ़ा हुआ दर्ज किया ...और पढ़ें

नई दिल्ली, जागरण संवाददाता। 2022 की तुलना में गर्मी इस वर्ष भले ही अधिक नहीं पड़ी हो, लेकिन ओजोन की मात्रा फिर भी सामान्य से अधिक रही है। एक मार्च से 30 मई के दौरान 87 दिनों में इसकी मात्रा अधिक दर्ज की गई थी।
विश्व पर्यावरण दिवस पर जारी सेंटर फार साइंस एंड एन्वायरमेंट (सीएसई) के विश्लेषण में 2019 -2023 के बीच गर्मियों (मार्च-मई) के दौरान ओजोन की स्थिति का अध्ययन किया गया।
विश्लेषण केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के आनलाइन पोर्टल सेंट्रल कंट्रोल रूम फार एयर क्वालिटी मैनेजमेंट पर उपलब्ध आंकड़ों के आधार पर किया गया है। डेटा एनसीआर में फैले 58 एयर क्वालिटी मानिटरिंग स्टेशनों से लिया गया है।
सूरज की किरणें प्रदूषित गैसों से मिलकर बनाती हैं ओजोन
ओजोन गैस स्थानीय स्तर पर उत्सर्जित गैसों के साथ सूर्य की किरणें मिलने से बनती है। इसी के अनुरूप इसका स्तर कहीं कम व कहीं ज्यादा होता है। अगर कहीं ओजोन का स्तर ज्यादा है तो इसका मतलब वहां पर वाहनों की संख्या एवं औद्योगिक इकाइयां ज्यादा जबकि पेड़ पौधे कम होना है। जहां पर ओजोन का स्तर कम है, वहां उक्त समस्याएं नहीं होती।
विश्लेषण की मुख्य बातें
- इस साल मार्च-अप्रैल के दौरान एनसीआर में औसतन 10 स्टेशन दैनिक मानक से अधिक रहे हैं, लेकिन बीती चार गर्मियों के औसत से 33 प्रतिशत कम है।
- गाजियाबाद, गुरुग्राम और ग्रेटर नोएडा भी जमीनी स्तर के ओजोन प्रदूषण से गंभीर रूप से प्रभावित हैं। ओजोन की अधिकता वाले इलाकों में दिल्ली में नेहरू नगर, श्री अरबिंदो मार्ग, डा केएस शूटिंग रेंज, मंदिर मार्ग, अलीपुर और पटपड़गंज शामिल हैं। गाजियाबाद में संजय नगर और वसुंधरा, गुरुग्राम में ग्वाल पहाड़ी और ग्रेटर नोएडा में नालेज पार्क हैं।
- एनसीआर में सबसे कम जमीनी स्तर के ओजोन प्रदूषण वाले स्थानों में दिल्ली में पंजाबी बाग, अशोक विहार, सिरी फोर्ट, चांदनी चौक, नॉर्थ कैंपस और पूसा शामिल हैं। फरीदाबाद में सेक्टर 16ए और 11 और न्यू इंडस्ट्रियल टाउन और नोएडा में सेक्टर एक शामिल है।
- नई दिल्ली में मंदिर मार्ग में पिछली चार गर्मियों के औसत की तुलना में दिनों की संख्या में अधिक वृद्धि दर्ज की गई है। इसने 63 अतिरिक्त अधिक दिनों की छलांग दर्ज की। इसके बाद गुरुग्राम में ग्वाल पहाड़ी और पूर्वी दिल्ली में पटपड़गंज में दोनों ने 51 दिनों की वृद्धि दर्ज की।
- फरीदाबाद में सेक्टर 16ए और दिल्ली में सिरीफोर्ट में पिछले चार गर्मियों के औसत की तुलना में अधिक दिनों में सबसे अधिक कमी दर्ज की गई। इस गर्मी में उनकी अधिकता 40 दिनों से अधिक कम हो गई थी। दिल्ली में जेएलएन स्टेडियम, नरेला और सोनिया विहार और गाजियाबाद में इंदिरापुरम और लोनी अन्य स्थान थे जिन्होंने महत्वपूर्ण सुधार दर्ज किया।
- जमीनी स्तर के ओजोन में सबसे अधिक वृद्धि दर्ज करने वाले स्थानों में दिल्ली में मंदिर मार्ग, अलीपुर, बुराड़ी क्रासिंग, सीआरआरआई मथुरा रोड शामिल हैं। गुरुग्राम में ग्वाल पहाड़ी, गाजियाबाद में संजय नगर और वसुंधरा और नोएडा में सेक्टर 116 शामिल हैं।
- पांच मई 2023 को दिल्ली के पटपड़गंज में अधिकतम आठ घंटे का औसत 191 माइक्रोग्राम प्रति क्यूबिक मीटर था। यह इस स्थान पर अब तक का उच्चतम स्तर दर्ज किया गया था।
- जमीनी स्तर का ओजोन रात की हवा में आदर्श रूप से नगण्य हो जाना चाहिए, लेकिन एनसीआर में एक दुर्लभ घटना देखी जा रही है, जहां ओजोन का स्तर सूर्यास्त के घंटों बाद भी ऊंचा बना रहता है। इस मई रात के समय के ओजोन को 28 दिनों में नोट किया गया था, जिसमें तीन स्टेशन औसतन हर रात इसकी रिपोर्ट करते थे। रात के समय का ओजोन पूर्वी दिल्ली के पूर्वी अर्जुन नगर में सबसे अधिक होता है, जहां इस गर्मी में 42 रातों में इसकी सूचना दी गई थी। गाजियाबाद में वसुंधरा, ग्रेटर नोएडा में नॉलेज पार्क III, गुरुग्राम में ग्वाल पहाड़ी और नोएडा में सेक्टर 116 में भी रात के समय जमीनी स्तर के ओजोन के अधिकांश मामले सामने आए।
- इस गर्मी में सेक्टर 125, नोएडा में 84 दिनों की अधिकता दर्ज की गई, जो एनसीआर के किसी भी स्टेशन के लिए सबसे अधिक है। इसके बाद डीयू नार्थ कैंपस और दिल्ली में आईजीआई एयरपोर्ट टी3 का स्थान रहा। सीओ प्रदूषण से गाजियाबाद और गुरुग्राम भी गंभीर रूप से प्रभावित हैं। दिल्ली में नजफगढ़ और आया नगर और फरीदाबाद में न्यू इंडस्ट्रियल टाउन इस क्षेत्र में सबसे कम प्रभावित स्थान हैं।
अभी कदम उठाएं
सीएसई की कार्यकारी निदेशक अनुमिता राय चौधरी का कहना है कि स्वच्छ वायु कार्य योजना और विशेष रूप से ग्रीष्मकालीन कार्य योजना अब ओजोन शमन की उपेक्षा नहीं कर सकती है।
पूरे क्षेत्र में वाहनों, उद्योग, बिजली संयंत्रों और अन्य सभी दहन स्रोतों से - जहरीली गैसों की एक श्रृंखला को नियंत्रित करने के लिए बहुत कड़ी कार्रवाई की आवश्यकता है जो ओजोन बनाने में मदद करती हैं।
एनओएक्स, सीओ और वाष्पशील कार्बनिक यौगिकों की एक श्रृंखला को नियंत्रित करने के लिए कड़े उपायों की आवश्यकता है।
