नई दिल्ली [विनीत त्रिपाठी]। राजधानी दिल्ली में बिगड़ रहे हालात को देखते हुए दिल्ली सरकार की मदद के लिए सेना ने एक नोडल अधिकारी नियुक्त किया। केंद्र सरकार की तरफ से पेश हुए एडिशनल सालिसिटर जनरल चेतन शर्मा ने न्यायमूर्ति विपिन सांघी व न्यायमूर्ति रेखा पल्ली की पीठ को बताया कि नोडल अधिकारी क्रायोजेनिक टैंकर के परिवहन से लेकर इंस्टाल करने समेत अन्य जरूरतों में दिल्ली सरकार की मदद करेंगे। केंद्र सरकार ने इससे पहले पीठ के समक्ष कहा था कि सेना अपने स्तर पर दिल्ली से लेकर देश के विभिन्न स्तर पर मदद कार्य में जुटी है। ऐसे में दिल्ली में अभी सेना का मदद करना संभव नहीं होगा।

केंद्र सरकार ने सेना की मदद के मामले पर हाई कोर्ट को दी जानकारी

दिल्ली में बिगड़ते हालात को देखते हुए लगातार दिल्ली हाई कोर्ट में सेना की मदद लेने पर चर्चा हो रही थी। अदालत मित्र से लेकर अन्य वरिष्ठ अधिवक्ताओं के सुझाव पर दिल्ली हाई कोर्ट ने दिल्ली सरकार को केंद्र सरकार के साथ इस पर विचार करने को कहा था। अदालत के रुख पर दिल्ली सरकार के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसाेदिया ने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह को लिखकर सेना की मदद मांगी थी। वरिष्ठ अधिवक्ता कृष्णन वेणुगोपाल ने भी सेना से मदद लेने के संबंध में पीठ को सुझाव दिया था। उन्होंने कहा था कि सेना फील्ड अस्पताल बनाने से लेकर आक्सीजन की समस्या को सुलझ सकती है।

बता दें कि दिल्ली में कोरोना केस बढ़ते ही यहां पर बेड की मारामारी हो रही है। हर दिन संक्रमितों की संख्या बढ़ने से अस्पताल में बेड की किल्लत होने लगी है। ऐसे में लोगों को परेशानी हो रही है। राजधानी में ऑक्सीजन की किल्लत को लेकर दिल्ली हाई कोर्ट में सुनवाई चल रही है। जानकारी के लिए बता दें कि दिल्ली में ऑक्सीजन की कमी से कुछ मरीजों की मौत हो चुकी है।