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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Feb 20, 2018 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

सीएम आवास पर बवाल को लेकर विपक्ष का हमला- केजरीवाल जी सरकार चला रहे हो या सर्कस

By JP YadavEdited By:
Published: Tue, 20 Feb 2018 07:59 PM (IST)Updated: Wed, 21 Feb 2018 10:17 AM (IST)

मनोज तिवारी ने AAP विधायकों की घटना को ‘शहरी नक्सलवाद’ करार दिया है।

सीएम आवास पर बवाल को लेकर विपक्ष का हमला- केजरीवाल जी सरकार चला रहे हो या सर्कस
सीएम आवास पर बवाल को लेकर विपक्ष का हमला- केजरीवाल जी सरकार चला रहे हो या सर्कस

नई दिल्ली (जेएनएन)। दिल्ली की अरविंद केजरीवाल सरकार अब एक नए विवाद में फंसती दिख रही है। दिल्ली के मुख्य सचिव अंशु प्रकाश के साथ आम आदमी पार्टी (AAP) के विधायकों द्वारा हाथापाई किए जाने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। अमानतुल्लाह खान समेत AAP के दो विधायकों पर दिल्ली पुलिस द्वारा मामला दर्ज किए जाने के बाद समूचे विपक्ष ने हमला बोल दिया है। इस कड़ी में सबसे तीखा बयान कभी केजरीवाल की पार्टी के चाणक्य कहे जाने वाले योगेंद्र यादव की पार्टी स्वराज इंडिया की ओर से आया है। स्वराज इंडिया के प्रवक्ता अनुपम ने पूछा है- 'सरकार चला रहे हैं या सर्कस केजरीवाल जी'।

अनुपम ने ट्वीट किया है-'सरकार चला रहे हैं या सर्कस केजरीवाल जी? मुख्य सचिव और आम पार्टी के बीच का यह विवाद बेहद शर्मनाक है, और ये कोई पहली ऐसी घटना नहीं है। केजरीवाल के काम करने का यह तरीका बन गया है। पहले भी शकुंतला गैमलिन से लेकर आशीष जोशी तक कई अधिकारियों की बदनामी, उनपर झूठे आरोप और बदसलूकी की गई।'

इससे पहले भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष मनोज तिवारी ने AAP विधायकों की घटना को ‘शहरी नक्सलवाद’ करार दिया है, तो दिल्ली के भाजपा विधायक विजेंद्र गुप्ता ने इसे दुखद घटना बताते हुए कार्रवाई की मांग की थी।

जानें इस मुद्दे पर किसने क्या कहा

सिविल सेवक के साथ ऐसा बर्ताव उचित नहींः राजनाथ सिंह

राजनाथ सिंह ने कहा है कि पूरे प्रकरण से दुखी हूं। सिविल सेवक के साथ ऐसा बर्ताव नहीं होना चाहिए, उन्हें भी बिना भय और पूरी गरिमा के साथ काम करने देना चाहिए।

AAP के गुंडों का एक और शर्मनाक कृत्यः मनोज तिवारी

मनोज तिवारी ने ट्वीट किया- ‘बीती रात अरविंद केजरीवाल और उनके गुंडे विधायकों ने बदसलूकी की और दिल्ली सरकार के चीफ सेक्रेटरी को धमकाया। आम आदमी पार्टी के गुंडों का एक और शर्मनाक कृत्य। यह शहरी नक्सलवाद है।’ वहीं, भाजपा के एक अन्य वरिष्ठ नेता ने दावा किया कि जब प्रकाश पर हमला हुआ तो सीएम निवास में 9 आप विधायक मौजूद थे।

संबित पात्रा बोले- तत्काल इस्तीफा दें केजरीवाल

वहीं, भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता संबित पात्रा ने पूरे मुद्दे पर पत्रकार वार्ता कर दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल पर हमला बोला है। उन्होंने सीएम केजरीवाल को निशाने पर लेते हुए कहा कि क्या उन्हें अपने पद पर बने रहने का अधिकार है? संबित पात्रा ने मामले को गंभीर बताते हुए कहा कि सीएम को अपने पद बने रहने का नैतिक अधिकार नहीं है।

AAP और अराजकता दोनों एक-दूसरे के पर्याय

भाजपा इस पूरे प्रकरण की निंदा करती है। साथ ही भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि दिल्ली पर संवैधानिक संकट मंडरा रहा है। ऐसा पहली बार है जब किसी मुख्यमंत्री के आधार पर मुख्य सचिव के साथ ऐसी बदतमीजी की गई है। AAP और अराजकता दोनों एक-दूसरे के पर्यायवाची बन गए हैं। इनका संविधान से कोई वास्ता नहीं है।

यह है पूरा मामला

जानकारी के मुताबिक, पूरा विवाद सोमवार देर रात का है। बताया जा रहा है कि उस दौरान सीएम आवास पर हो रही मीटिंग के दौरान दिल्ली के मुख्य सचिव के साथ आम आदमी पार्टी के दो विधायकों ने हाथापाई की। इस दौरान मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल भी मौके पर मौजूद थे।

कहा जा रहा है कि विज्ञापन पर फंड खर्च करने को लेकर दोनों पक्ष में विवाद हो गया। यह भी कहा जा रहा है कि केजरीवाल द्वारा एक विज्ञापन को लेकर फंड खर्च करने की बात पर मुख्य सचिव राजी नहीं थे, जिसे लेकर मीटिंग में बहस हो गई। इसी दौरान ओखला से आप पार्टी विधायक अमानतुल्लाह खान और एक अन्य ने बदसलूकी करते हुए मुख्य सचिव के साथ धक्का-मुक्की शुरू कर दी। नाराज मुख्य सचिव ने अपने साथ हुई इस हाथापाई के बाद मुख्य सचिव सीएम आवास से वापस लौट आए।

वहीं, सीएम ऑफिस ने मुख्य सचिव अंशु प्रकाश के साथ हाथापाई की खबर को आधारहीन करार दिया है। बताया जा रहा है कि घटना के वक्त मौके पर सीएम अरविंद केजरीवाल और डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया भी मौजूद थे।  

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