नई दिल्ली [मनीषा गर्ग]। अप्रैल में कोरोना महामारी की दूसरी लहर के दौरान जिन सरकारी अस्पताल में ओपीडी सेवा को बंद कर दिया गया था, वहां सोमवार से एक बार फिर ओपीडी सेवाओं को शुरू किया जा रहा है। इसमें जनकपुरी स्थित अतिविशिष्ट अस्पताल, हरि नगर स्थित दीन दयाल उनजफगढ़ में जाफरपुरकलां स्थित रावतुला राम अस्पताल व मोती नगर स्थित आचार्य श्री भिक्षु अस्पताल शामिल हैं। पर ओपीडी में चिकित्सीय परामर्श से पूर्व मरीजों को कोरोना जांच प्रक्रिया से गुजरना होगा।

रिपोर्ट नेगेटिव आने पर ही मरीज परामर्श प्राप्त कर सकेंगे। हालांकि जिन अस्पतालों में ओपीडी सेवाएं जारी रही, वहां अभी मरीजों की संख्या कम है। अधिकांश लोग संक्रमण के चपेट में आने के डर के कारण फोन पर या वीडियो काल के माध्यम से ही चिकित्सीय परामर्श लेने पर जोर दे रहे है। ओपीडी सेवा शुरू करने के साथ इन अस्पतालों में कोविड केयर सेंटर जारी रहेंगे। इस दौरान स्वस्थ मरीज कोविड केयर सेंटर में भर्ती संक्रमित मरीज के संपर्क में कम से कम आएं इस बात का अस्पताल प्रशासन द्वारा पूरा-पूरा ध्यान रखा जाएगा।

महामारी के दौरान डाबड़ी स्थित दादा देव मातृ एवं शिशु चिकित्सालय, रघुबीर नगर स्थित गुरु गोबिंद सिंह अस्पताल, खेरा डाबर स्थित चौ. ब्रह्म प्रकाश आयुर्वेदिक चरक संस्थान व बसईदारापुर स्थित ईएसआई अस्पताल ये चार अस्पताल थे, जहां ओपीडी सेवाएं निरंतर जारी थी। स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक ओपीडी सेवाएं दोबारा शुरू होने से कोरोना जांच बढ़ेगी और गैर-लक्षण युक्त कोरोना संक्रमित मरीजों की पहचान करना आसान होगा। साथ ही इससे तीसरी लहर के खतरे को भी कम करने की राह आसान होगी। अस्पताल प्रशासन के मुताबिक ओपीडी में चिकित्सीय परामर्श कोविड प्रोटोकाल का ईमानदारी से पालन करें इसके लिए उन्हें जागरूक किया जाएगा। 

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