नई दिल्ली, जेएनएन। दिल्ली में ऑड-इवेन (Delhi Odd Even Scheme) का आज अंतिम दिन है। ऑड-इवेन योजना के तहत शुक्रवार को राजधानी दिल्ली में ऑड नंबर के वाहन चलेंगे। योजना के आखिरी दिन नियमों में किसी तरह का उल्लंघन न हो इसके लिए यातायात पुलिसकर्मियों को सचेत रहने को कहा गया है। प्रदूषण से जूझ रही राजधानी को राहत दिलाने के लिए दिल्ली सरकार ने चार नवंबर को ऑड-इवेन योजना की शुरुआत की थी। इस योजना का शुक्रवार को आखिरी दिन है। योजना के तहत ऑड नंबर की तारीख पर ऑड नंबर के वाहन और इवेन नंबर की तारीख पर इवेन वाहन चलने हैं। इसलिए 15 नवंबर को ऑड नंबर के वाहन ही सड़क पर उतरेंगे। योजना को सफलता पूर्वक राजधानी दिल्ली में लागू करने के लिए दिल्ली सरकार ने यातायात पुलिस व लोगों की सराहना की है। वहीं, माना जा रहा है कि दिल्ली में प्रदूषण के चलते Odd Even Scheme को अगले कुछ दिनों तक बढ़ाया जा सकता है। 

ऑड-इवेन के उल्लंघन पर 330 वाहनों के हुए चालान

ऑड-इवेन लागू होने के दस दिन बाद भी वाहन चालक इसका उल्लंघन करने से बाज नहीं आ रहे हैं। बृहस्पतिवार को 11वें दिन भी इस नियम का उल्लंघन करने पर 330 वाहनों के चालान किए गए। राजधानी में चार नवंबर से ऑड इवेन की व्यवस्था को 15 नवंबर तक लागू किया गया है। किस दिन कौन से वाहन सड़कों पर चलेंगे, इसका निर्धारण करने के साथ इसके बारे में विभिन्न माध्यमों से लोगों को सूचना भी दी गई थी। इस व्यवस्था के लागू होने के पहले दिन विभिन्न स्थानों पर लोगों के चालान करने के बजाय उन्हें जागरूक किया गया था। बृहस्पतिवार को यातायात पुलिस ने ऑड-इवेन के उल्लंघन पर 194 वाहनों के चालान किए। परिवहन विभाग द्वारा 89 और राजस्व विभाग द्वारा 47 वाहनों के चालान किए गए।

विजय गोयल ने सड़क पर उतरकर किया विरोध

 दिल्ली में बढ़ रहे प्रदूषण के लिए आम आदमी पार्टी (आप) सरकार को जिम्मेदार ठहराते हुए राज्यसभा सदस्य और पूर्व केंद्रीय राज्य मंत्री विजय गोयल के नेतृत्व में भाजपा कार्यकर्ताओं ने आइटीओ चौराहे पर प्रदर्शन किया। उन्होंने कहा कि प्रदूषण की समस्या दूर करने के लिए आप सरकार ने कोई कदम नहीं उठाया, अब ऑड-इवेन लागू करके अपनी नाकामी छिपाने की कोशिश कर रहे हैं। इस योजना से प्रदूषण में कोई कमी नहीं आई है। चुनाव नजदीक देखकर इसे राजनीतिक लाभ के लिए लागू किया गया है।

ऑड-इवेन के नाम पर दिल्ली के लोगों को परेशान किया जा रहा है। मुख्यमंत्री और आप के अन्य नेता बार-बार कह रहे हैं कि पड़ोसी राज्यों में पराली जलने से दिल्ली की हवा खराब हो रही है। यदि पराली जलाने से प्रदूषण हो रहा है तो फिर इस योजना का क्या लाभ है। इस योजना को लेकर भी सरकार गंभीर नहीं है, क्योंकि प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों पर रोक नहीं है, सिर्फ चार पहिया वाहनों पर रोक लगाकर प्रदूषण में कमी के दावे किए जा रहे हैं।

उन्होंने कहा कि केजरीवाल ने दिल्ली को गैस चैंबर बना दिया है। सुप्रीम कोर्ट ने भी इस योजना पर सवाल उठाए हैं। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड सहित अन्य एजेंसियों की रिपोर्ट के अनुसार पिछले वर्ष भी इसे लागू करने से प्रदूषण कम नहीं हुआ था। 

Posted By: JP Yadav

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