नई दिल्ली, एएनआइ। Coronavirus: दिल्ली में सत्तासीन आम आदमी पार्टी सरकार द्वारा किए गए लॉक डाउन के एलान का असर दक्षिण दिल्ली के शाहीन बाग इलाके में पिछले 3 महीने से चल रहे प्रदर्शन पर भी दिखने लगा है। सोमवार सुबह प्रदर्शन स्थल से भीड़ नदारद है, सिर्फ 2-3 लोग ही नजर आए, वह भी सोते हुए। कुर्सी, टेबल और मेजें अपनी-अपनी जगह पर तो हैं, लेकिन उन पर बैठने वाला कोई नहीं है। सजाए गए मंच पर महापुरुषों के साथ कई अन्य महान हस्तियों की तस्वीरों तो लगी हैं, लेकिन मंच पर कोई भी मौजूद नहीं है। 

प्रतीकात्मक रूप में प्रदर्शन रह सकता है जारी

शाहीन बाग में आलम यह है कि जहां पर कभी प्रदर्शनकारी सैकड़ों और हजारों की संख्या में दिखते थे, वहां पर सिर्फ कुछ ही लोग नजर आए। माना जा रहा है कि यह प्रदर्शन प्रतीकात्मक रूप में जारी रह सकता है, हालांकि इस बाबत कोई आधिकारिक बयान अब तक नहीं आया है। 

बता दें कि नागरिकता संसोधन कानून और राष्ट्रीय नागरिकता रजिस्टर के विरोध में 15 दिसंबर से शाहीन बाग में इलाके में खासतौर से महिलाओं का प्रदर्शन जारी है। प्रदर्शनकारियों को मनाने के लिए कई बार कोशिश भी की गई, लेकिन वह टस से  मस नहीं हुए। इस दौरान दिल्ली विधानसभा चुनाव-2020 के दौरान उन्होंने चुनाव आयोग का सहयोग करने के लिए उस दिन के राहत दी थी बस। उसके अगले दिन से ही प्रदर्शन फिर शुरू हो गया। यहां तक कि दिल्ली में कई बार तेज बारिश हुई फिर भी ये प्रदर्शनकारी अपनी जगह से नहीं हिले।

 

इससे पहले रविवार को जनता कर्फ्यू के दौरान लोगों की भीड़ छटने लगी थी, लेकिन कोरोना वायरस के संक्रमण का खौफ और दिल्ली में किए गए लॉक डाउन  का असली असर सोमवार सुबह दिखा, जब शाहीन बाग में CAA-NCR के विरोध में चल रहे प्रदर्शन स्थल पर कुर्सियां-टेबल और मेजें खाली मिलीं।

इससे पहले  प्रदर्शनकारियों पर पेट्रोल बम फेकें जाने की भी खबर आई थी, जिसकी पुलिस जांच जारी है।  

Posted By: JP Yadav

डाउनलोड करें जागरण एप और न्यूज़ जगत की सभी खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस