नई दिल्ली [अरविंद द्विवेदी]। टीकरी बॉर्डर पर पश्चिम बंगाल की युवती से दुष्कर्म समेत विभिन्न धाराओं में छह लोगों पर केस दर्ज किया गया है। इनमें से एक आरोपित अनिल मलिक आम आदमी पार्टी का सक्रिय कार्यकर्ता रह चुका है। वह मूलरूप से हरियाणा के भिवानी जिले का रहने वाला है और दिल्ली में द्वारका में रहता है। इससे पहले वह समालखा में रहता था। अनिल 16 साल सेना में हवलदार रहा है। उसे दो साल के लिए एनएसजी में डेपुटेशन पर भेजा गया था। फरवरी 2016 में वह सेना से रिटायर हुआ था।

हालांकि, उसके जानकार आम आदमी पार्टी के एक पूर्व विधायक ने बताया कि उसे सेना से निकाला गया था। इसके बाद से उसके पास कोई रोजगार नहीं था। फिर उसने आम आदमी पार्टी ज्वाइन कर लिया और उसे मेट्रो टीम में शामिल कर लिया गया। वह युवा कार्यकर्ताओं के साथ मेट्रो में सवार होकर युवा मेट्रो यात्रियों के बीच पार्टी की नीतियों का प्रचार-प्रसार करता था।

कुछ ही समय में वह मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल का भी करीबी बन गया। हालांकि संपर्क करने पर अनिल ने बताया कि वह करीब एक साल पहले आम आदमी पार्टी छोड़ चुका है। अब उसका आप के किसी नेता या सीएम से कोई संबंध नहीं है। अनिल ने पिछले माह अपने कुछ साथियों के साथ पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में भाजपा के विरोध में प्रचार करने गया था। ये लोग वहां कृषि कानूनों के विरोध में माहौल बनाने गए थे।

प्रचार के दौरान युवती से मुलाकात हुई थी। कई दिन इन लोगों ने उसके साथ प्रचार किया। इसके बाद वापस आते समय ये लोग युवती को भी दिल्ली ले आए और टीकरी बॉर्डर पर उसे अपने साथ कृषि कानून विरोधी आंदोलन में शामिल कर दिया। कुछ दिन बाद युवती की कोरोना के कारण मौत हो गई।