नई दिल्ली, ऑनलाइन डेस्क। 2012 Delhi Nirbhaya case: पिछले आठ साल से बेटी को इंसाफ दिलाने के लिए कानूनी लड़ाई लड़ रहीं निर्भया की मां ने देश की जनता से अपील की है कि वे न्याय की इस मुहिम में उनके साथ आएं। निर्भया की मां ने लोगों से चारों दोषियों के लिए फांसी का समर्थन करने की अपील की है। इसी के साथ अपने वाट्स ऐप स्टेटस में लिखा 'क्या निर्भया के इंसाफ पर आपके सब्र का बांध टूट चुका है? देश की जनता से अपील में निर्भया की मां ने कहा है- अगर आप मुझे इस मुद्दे पर समर्थन करते हैं तो इस संदेश को आगे बढ़ाएं।

बता दें कि चारों दोषियों को निचली अदालत के बाद दिल्ली हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट फांसी की सजा सुना चुका है, लेकिन तकरीबन तीन साल बाद भी फांसी को अंजाम नहीं दिया जा सका है। वहीं, निर्भया के माता-पिता पिछले छह महीने से लगातार निचली अदालत, दिल्ली हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट के चक्कर लगा रहे हैं। अब परेशान हो कर निर्भया की मां ने देश की जनता से समर्थन मांगा है। 

यहां पढ़िए मैसेज की अहम बातें

  • मैं सर्वोच्च न्यायालय के सामने निर्भया के लिए न्याय सुनिश्चित करने के लिए निवेदन करूंगी, ताकि महिलाओं के खिलाफ अपराध को हतोत्साहित किया जाए।
  • अगर निर्भया न्याय पाने में नाकाम रही तो कोई और पीड़ित न्याय पाने में सक्षम नहीं होगा।
  • हमें निर्भया के लिए न्याय सुनिश्चित करने के लिए एकजुट होना चाहिए
  • मेरी रातों की नींद हराम है, लेकिन न्याय के लिए अपने संघर्ष को जारी रखूंगी।
  •  मानव अधिकार कार्यकर्ता केवल अपना व्यवसाय चला रहे हैं।
  • हमें अपने अधिकारों के लिए लड़ना होगा।
  • जो लोग मुझे दोषियों को क्षमा करने के लिए कहते हैं, उनके परिवार में भी ऐसा हुआ होता क्या वे माफ कर पाते।
  • यदि देश में महिलाओं के अपने अधिकार हैं, तो हमारे अधिकारों को सुनिश्चित करने के लिए व्यवस्था बदलनी चाहिए।

यहां पर बता दें कि 16 दिसंबर, 2012 को दिल्ली के वसंत बिहार इलाके में चलती बस में निर्भया के साथ दरिंदगी हुई थी। रात घर जाने के दौरान बस में राम सिंह, एक नाबालिग, विनय कुमार शर्मा, पवन कुमार गुप्ता, मुकेश सिंह और अक्षय कुमार ने निर्भया के साथ चलती बस में सामूहिक दुष्कर्म किया था।  इस दौरान निर्भया को शारीरिक के साथ मानसिक प्रताड़ना इस कदर दी गई कि उसने अस्पताल में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया।

इसके बाद फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाकर मुकदमा चलाया गया, जिसमें निचली अदालत के बाद दिल्ली हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट विनय, मुकेश, पवन और अक्षय को फांसी की सजा सुना चुका है, जबकि राम सिंह ने तिहाड़ जेल में आत्महत्या कर ली थी और नाबालिग अपनी सजा पूरी कर चुका है।

Posted By: JP Yadav

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