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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 23, 2021 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

कुख्यात इमाम की पिटाई से 13 साल से कोमा में है दिल्ली पुलिस का हवलदार, स्पेशल सेल ने किया गिरफ्तार

By Mangal YadavEdited By:
Published: Tue, 23 Mar 2021 06:35 PM (IST)

20 मार्च की रात भी स्पेशल सेल ने जब उसे सराय काले खां बस अडडा के पास रूकने का इशारा ...और पढ़ें

स्पेशल सेल की गिरफ्त में कुख्यात इमाम: जागरण
स्पेशल सेल की गिरफ्त में कुख्यात इमाम: जागरण

नई दिल्ली, जागरण संवाददाता। दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल द्वारा मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार किए कुख्यात इमाम उर्फ इमामुददीन का पुलिसकर्मियों पर जानलेवा हमला करने का इतिहास रहा है। 2009 में इमाम व उसके साथियों ने पीसीआर में तैनात हवलदार ओंकार को बेरहमी से पिटाई कर अधमरा कर दिया था जिससे वह 13 साल बाद भी आजतक कोमा में हैं। गुरु तेग बहादुर अस्पताल में भर्ती ओंकार जीवन व मौत से जूझ रहे हैं।

हैरानी की बात है कि उक्त मामले में नंद नगरी पुलिस द्वारा इमाम को गिरफ्तार कर जेल तो भेज दिया था पर कुछ महीने बाद ही उसे अदालत से जमानत मिल गई और उसने अपराध करना जारी ही रखा। अपराध करने पर जब-जब स्थानीय पुलिसकर्मियों ने उसे गिरफ्तार करने की कोशिश की उसने साथियों व परिजनों के साथ मिलकर उनपर जानलेवा करने से नहीं चूके।

20 मार्च की रात भी स्पेशल सेल ने जब उसे सराय काले खां बस अडडा के पास रूकने का इशारा किया तक उसने पुलिसकर्मियों पर गोली चला दी। जवाबी कार्रवाई में सेल की टीम ने उसके दोनों पैरों में गोली मार दबोच लिया। बताया जाता है कि 2009 में इमाम जब अपराध कर साथियों के साथ भाग रहा था तब कॉल मिलने पर पीसीआर में तैनात ओंकर ने पीछा कर उसे दबोच लिया था। इसपर गुस्से में उसने साथियों के साथ मिलकर उनकी बेरहमी से पिटाई कर दी थी।

2015 में भी नंद नगरी में एक दंपती के बीच हो रहे झगड़े के दौरान बीच बचाव करने गए इमाम गिरोह के एक बदमाश की हत्या हो जाने पर स्थानीय पुलिस जब मौके पर पहुंची तब इमाम ने स्थानीय लोगों के साथ पुलिसकर्मियों पर लोहे की राड व लाठी-डंडे से हमला बोल सभी को घायल कर दिया था। उक्त मामले में भी नंदनगरी थाना पुलिस ने इमाम व अन्य को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया लेकिन कुछ महीने बाद उसे जमानत मिल गई।

दंपती के झगड़े में बीच बचाव के दौरान मारा गया इमाम का साथी उस समय पैरोल पर बाहर आया था। एक के बाद एक कई घटनाओं में इमाम पुलिसकर्मियों को निशाना बनाता रहा लेकिन पुलिस उसपर नकेल नहीं कस पाई। बीते जनवरी में भी चोरी के कई मामले में पूछताछ किए जाने के लिए कुछ पुलिसकमी जब इमाम को बुलाने उसके नंदगरी स्थित घर गई तब परिजनों के साथ उनपर हमला बोल दिया गया। उक्त मामले के बाद से इमाम फरार था।

डीसीपी स्पेशल सेल प्रमोद कुशवाहा का कहना है कि दिल्ली में कई गिरोह इन दिनों गन प्वाइंट पर लूटपाट की वारदातों को अंजाम दे रहे हैं। इसे देखते हुए 20 मार्च की देर रात एसीपी ललित मोहन नेगी, हृदय भूषण, इंस्पेक्टर विनोद बदोला की टीम ने मुठभेड़ के बाद स्कूटी सवार इमाम को पिस्टल व तीन कारतूस के साथ दबोच लिया। इसपर 18 संगीन मामले दर्ज हैं। यह नंदनगरी का घोषित अपराधी है। पुलिस अब जाकर इसपर मकोका लगाने की तैयारी कर रही है।