नई दिल्ली, जागरण संवाददाता। 2012 Delhi Nirbhaya Case: डेथ वारंट जारी होने के बाद जेल मैनुअल के हिसाब से निर्भया के चारों दोषियों को अब फांसी से पहले अंतिम बार परिजनों से मिलने की अनुमति दी जाएगी। इस अवधि में उनके वकील भी उनसे मुलाकात कर सकेंगे। जेल अधिकारियों का कहना है कि 22 तारीख से पहले यदि दोषियों की ओर से सुप्रीम कोर्ट में क्यूरेटिव पिटिशन या राष्ट्रपति के समक्ष दया याचिका दाखिल की जाती है तो फैसला आने तक डेथ वारंट पर अमल नहीं किया जाएगा।

इस बीच यदि मामला 22 जनवरी से आगे बढ़ता है तो उस स्थिति में पटियाला हाउस कोर्ट की ओर से डेथ वारंट फिर से जारी किया जाएगा। 22 जनवरी से मामला आगे बढ़ने पर जब तक नया डेथ वारंट जारी नहीं हो जाता, तब तक इनकी परिजनों से मुलाकात कराई जा सकती है।

यह है पूरा मामला

दिसंबर 2012 में दिल्ली के वसंत विहार इलाके में एक चलती बस में एक छात्रा के साथ सामूहिक दुष्कर्म हुआ था। इलाज के दौरान पीड़िता की मौत हो गई थी। इस मामले में पुलिस ने छह लोगों को गिरफ्तार किया था। छह आरोपितों में से एक ने तिहाड़ जेल में आत्महत्या कर ली थी। जबकि एक नाबालिग था। बाकी बचे चारों दोषियों विनय शर्मा, मुकेश, पवन और अक्षय को फांसी की सजा सुनाई गई थी। 

Posted By: Mangal Yadav

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