नई दिल्ली, जेएनएन। दक्षिणी दिल्ली के ईस्ट ऑफ कैलाश के माउंट कैलाश अपार्टमेंट में बुजुर्ग दंपती वीरेंद्र कुमार खनेजा (77) और सरला खनेजा (72) की हत्या की साजिश मालिश करने वाली सलमा (55) और उसके नाबालिग बेटे ने रची थी। पुलिस ने रविवार को पूछताछ के लिए सलमा समेत चार लोगों को हिरासत में लिया था। पुलिस की सख्ती में सलमा टूट गई। उसने बताया कि उसने पैसे के लालच में नाबालिग बेटे से हत्या कराई। सलमा दंपती के घर में आठ साल से सरला की मालिश करने आती थी।

लूट के पैसे और गहने बरामद

पुलिस ने आरोपित सलमा के घर से लूट के नौ लाख रुपये, गहने, बैग, कैमरे के साथ ही अन्य कीमती सामान बरामद किया है। दक्षिणी-पूर्वी दिल्ली जिले के पुलिस उपायुक्त चिन्मय बिश्वाल ने बताया कि 26 जनवरी को पुलिस ने वीरेंद्र और सरला के शवों को देखने के बाद लूटपाट व हत्या की आशंका के आधार पर जांच शुरू की थी। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज खंगाला तो उसके बाद घर में आने वाली तीनों घरेलू सहायिकाओं, पड़ोसियों और अपार्टमेंट के गाडरें से पूछताछ की। इस पर सलमा ने गुनाह कुबूल कर लिया और नाबालिग बेटे के वारदात में शामिल होने की बात कही। इस पर पुलिस ने उसके बेटे को पकड़ लिया।

वीरेंद्र की टोपी पहन फ्लैट में पहुंचा आरोपित

19 जनवरी की सीसीटीवी फुटेज में आरोपित वीरेंद्र की काली टोपी पहनकर फ्लैट में जाता दिख रहा है। वह टोपी के सहारे चेहरा छिपाने का प्रयास करता हुआ दिख रहा है।

ऐसे दिया वारदात को अंजाम

पुलिस को नाबालिग आरोपित ने बताया कि 18 जनवरी की दोपहर उसकी मां वीरेंद्र के घर सरला को मालिश करने गई थी। तभी सलमा ने उसे भी फ्लैट में बुला लिया। मालिश के बाद सलमा अन्य घर में काम करने चली गई और वीरेंद्र भी कहीं चले गए। फिर नाबालिग ने सरला के दोनों हाथ बांध दिए और घर में रखे पैसे और गहने के बारे में पूछने लगा। सरला ने कुछ नहीं बताया तो उसने गला दबाकर हत्या कर दी। रात करीब 8.30 बजे वीरेंद्र घर आए तो नाबालिग ने उन्हें भी बंधक बनाकर पैसे व गहने की मांग की। डरकर वीरेंद्र ने सब बता दिया। नाबालिग ने नकदी व गहने आदि बैग में भर लिया। बाद में उसने पहचान उजागर होने के डर से रात 10 से 11 बजे के बीच वीरेंद्र की हत्या कर दी।

रातभर फ्लैट में रहा

हत्या के बाद नाबालिग पूरी रात फ्लैट में ही रहा। अगले दिन शनिवार दोपहर सवा 11 बजे वह फ्लैट से निकला। 26 जनवरी को हत्या का पता तब चला, जब सरला की बहन अमर कॉलोनी थाना पुलिस को लेकर फ्लैट पर पहुंचीं। क्योंकि दंपती के बेटे डॉ. अमित ने अमेरिका से फोन कर उन्हें बताया था कि दंपती कॉल रिसीव नहीं कर रहा है।

इस सिलसिले में बुजुर्ग के यहां मालिश करने के लिए आने वाली 51 वर्षीय मेड को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने मेड के बेटे को भी पकड़ा है, जो खुद को नाबालिग बता रहा है। इनके पास से करीब साढ़े आठ लाख रुपये, जूलरी, पर्स और बुजुर्ग के क्रेडिट/डेबिट कार्ड बरामद हुए हैं।  पुलिस का दावा है कि दोनों की 18 जनवरी को ही हत्या कर दी गई थी। मेड के बेटे ने वारदात को अंजाम दिया था जबकि मां मदद कर रही थी। सीसीटीवी से इनका सुराग मिला। 

8 साल पुरानी थी घरेलू सहायिका

बुजुर्ग दंपती के यहां घरेलू सहायिका 7-8 साल से काम कर रही थी। घर की एक चाबी घरेलू सहायिका के पास रहती थी। उसका बेटा पहले जाकर फ्लैट में छिप गया था। वीरेंद्र जब घर से बाहर गए तो उनकी पत्नी सरला से घरेलू सहायिका के बेटे ने पैसे मांगे। इनकार करने पर हत्या कर दी। रात को लौटने पर वीरेंद्र को भी मार डाला।

पुलिस को पहला अहम सुराग मिला अपार्टमेंट में लगे सीसीटीवी कैमरों से, जिसमें 18 तारीख की सुबह 11 बजे के करीब काली टोपी पहने एक संदिग्ध युवक अपार्टमेंट के उस हिस्से में दाखिल होता नजर आया, जहां से खनेजा दंपती के फ्लैट की तरफ रास्ता जाता है। पुलिस ने नौकरों को वीडियो दिखाकर पूछताछ शुरू की, तो वह लड़का खनेजा के यहां मालिश के लिए आने वाली पार्ट टाइम मेड का बेटा निकला। पुलिस ने जब संगम विहार की रहने वाली 51 वर्षीय घरेलू सहायिका और उसके नाबालिग बेटे से पूछताछ की, तो सारी कड़ियां जुड़ती चली गईं और केस सॉल्व हो गया।

मर्डर केस में पुलिस की छानबीन के दौरान कई चौंकाने वाली बात सामने आई है। पूछताछ में पुलिस को पता चला कि मेड ने कुछ दिन पहले वीरेंद्र खनेजा को अलमारी के लॉकर में बड़ी रकम रखते देखा। उसने अपने नाबालिग बेटे को इस बारे में बताया और दोनों मिलकर उन पैसों को हासिल करने का षड़यंत्र रचा।

 

Posted By: JP Yadav

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