नई दिल्ली, जागरण संवाददाता। देश रक्षाबंधन कर त्योहार मना रहा है। बहनें इस त्योहार के जरिये भाइयों से अपनी सुरक्षा की उम्मीद लगाती हैं। भाई भी बहनों को रक्षा करने का वचन देने के साथ उन्हें उपहार प्रदान करते हैं। जिस भाई की बहन नहीं होती है, इस त्योहार पर उनकी कलाई सूनी रह जाती है और इसकी कसक उन्हें हमेशा सालती रहती है। लेकिन आज भी समाज में ऐसे लोग मौजूद हैं, जो बेटियों को धरती पर आने ही नहीं देना चाहते।

पहले तो उसे गर्भ में ही खत्म कर देने की कोशिश करते हैं। नाकाम होने पर धरती पर आने के बाद उसकी हत्या की चेष्टा में लगे रहते हैं। ऐसा ही एक मामला पूर्वी दिल्ली के भजनपुरा इलाके में आया है, जहां बहू को बेटी पैदा होने पर तांत्रिक दादा ने पत्नी और बेटे के साथ मिलकर नवजात का गला दबाकर जान लेने की कोशिश की। मां ने किसी तरह बच्ची की जान बचाई।

एक साल पहले हुई थी पीड़िता की शादी

आरोप है कि इसके बाद आरोपितों ने महिला को बच्ची के साथ घर से बाहर निकाल दिया। पीड़िता फलक की शिकायत पर भजनपुरा थाना पुलिस ने महिला के पति शाहरुख, ससुर शमीम व सास अख्तरी बेगम पर प्राथमिकी दर्ज की है।

फलक यमुना विहार में रहती हैं। एक वर्ष पहले उसकी शादी शाहरुख से हुई थी। उनका आरोप है कि उनका ससुर तांत्रिक है। 27 जुलाई को उसने अस्पताल में एक बच्ची को जन्म दिया था।

"बच्ची को मारने के बाद ही बेटा पैदा होगा''

इसी बीच पति, ससुर और सास ने बच्ची का गला दबाकर उसे मारने की कोशिश की। बच्ची की चीख सुनकर वह तुरंत शौचालय से बाहर आई और बच्ची को उनसे छीन लिया। पीड़िता का आरोप है कि तीनों कह रहे थे कि बच्ची को मारने के बाद ही बेटा पैदा होगा। इसके बाद पीड़िता ने मामले की सूचना पुलिस को दी।

पीड़िता का आरोप है कि थाना पुलिस ने उस समय कोई कार्रवाई नहीं की। बाद में पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों के हस्तक्षेप के बाद आठ अगस्त को प्राथमिकी पंजीकृत हुई है।

तांत्रिक ससुर हो चुका है गिरफ्तार

पुलिस के मुताबिक शमीम तांत्रिक है और वर्ष 2018 में मध्य प्रदेश की इंदौर पुलिस ने शमीम को उसके साथी के साथ गिरफ्तार किया था। आरोपितों ने वहां पर कार्यालय बना रखा था। ये तंत्र क्रियाओं के नाम पर लोगों को ठगते थे।

Edited By: Abhishek Tiwari