नई दिल्ली [संजीव गुप्ता]। मास्टर प्लान 2041 के ड्राफ्ट पर प्राप्त सुझाव एवं अपत्तियों पर अपनी राय रखने के लिए दिल्ली विकास प्राधिकरण (Delhi Development Authority) द्वारा शुरू की गई जनसुनवाई के तहत बुधवार को 8300 से ज्यादा लोग बोर्ड आफ इन्क्वायरी एंड हियरिंग के समक्ष अपनी बात रखेंगे। जनसुनवाई में हिस्सा लेने वाले समाज के वंचित वर्गों के लोग जेजे कालोनियों और ठोस अपशिष्ट प्रबंधन से संबंधित मुद्दे पर विचार रखेंगे।

नई विकास नीतियों को किया शामिल

गौरतलब है कि मास्टर प्लान के ड्राफ्ट पर बड़ी संख्या में प्राप्त आपत्तियों व सुझावों को ध्यान में रखते हुए डीडीए ने एक माह के भीतर अलग अलग वर्गों के आधार पर पर्यावरण, अर्थव्यवस्था, हेरिटेज, शैल्टर, परिवहन, सोशल और फिजिकल इन्फ्रास्ट्रक्चर जैसे मामलों पर सुनवाई की एक श्रृंखला आयोजित करने की योजना बनाई है। इसमें नई विकास नीतियां आदि भी शामिल हैं।

बढ़ाई जा सकती है जन सुनवाई की तारीख

जनसुनवाई के तहत डीडीए उन सभी स्टेक होल्डर्स को अपनी बात रखने का मौका देगा जिन्होंने प्राधिकरण को मास्टर प्लान 2041 के संबंध में लिखित रूप में पहले से अपनी आपत्तियां व सुझाव भेज रखे थे। हालांकि जरूरत पड़ने पर लोगों की सहूलियत के अनुसार जनसुनवाई के दिनों को बढ़ाया भी जा सकता है।

30,000 से अधिक आए सुझाव

मालूम हो कि डीडीए को जनसुनवाई के लिए लगभग 33,000 आपत्तियां व सुझाव प्राप्त हुए हैं। सोमवार को आयोजित पहली जनसुनवाई में 8700 स्टेक होल्डर्स को मौका दिया गया था, जिनमें श्रमजीवी वर्ग जैसे कि घरेलू वर्कर, प्रवासी श्रमिकों, स्ट्रीट वेंडर्स से संबंधित मुद्दों, पुनर्वास कॉलोनियों और अनधिकृत कॉलोनियों के निवासियों ने संबंधित मुद्दों पर अपनी बात रखी। 

Edited By: Jp Yadav