नई दिल्ली [जागरण स्पेशल]। दिल्‍ली-एनसीआर में मौसम के मिजाज में लगातार बदलाव का दौर जारी है। बुधवार सुबह बारिश से ठंड में भी इजाफा हुआ है, खासतौर से सुबह और शाम। India Meteorological Department (भारतीय मौसम विभाग) के मुताबिक, मौसम में यह बदलाव सप्ताह के अंत यानी शनिवार तक जारी रहेगा। वहीं, मौसम विभाग ने यह भविष्यवाणी भी की है कि पश्चिमी विक्षोभ की वजह से बारिश का दौर जारी रहेगा और रविवार (24 फरवरी) को न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस से भी नीचे आ सकता है। 

यहां पर बता दें कि बुधवार सुबह दिल्ली के साथ सोनीपत, नूंह, मेवात, नोएडा, ग्रेटर नोएडा, गुरुग्राम, फरीदाबाद और गाजियाबाद में बारिश हुई थी, इसका असर शाम को दिखा और सर्दी थोड़ी बढ़ गई। बृहस्पतिवार सुबह भी सर्दी में इजाफा दिखा। मौसम विभाग के मुताबिक, बृहस्पतिवार को भी आसमान में बादल छाएंगे और बारिश हो सकती है। ऐसा ही हाल शुक्रवार और शनिवार को भी रहेगा।

इससे पहले मंगलवार को अधिकतम तापमान 24.5 डिग्री से गिरकर 21.2 डिग्री सेल्सियस तक आ गया, वहीं, न्यूनतम तापमान 14.5 डिग्री रहा। मौसम विभाग की भविष्यवाणी के मुताबिक, बारिश और मौसम में बदलाव के चलते रविवार को पारा 10 डिग्री से भी नीचे जा सकता है और लोगों को इससे ठंड का सामना करना पड़ सकता है।

गौरतलब है कि पहाड़ी राज्यों हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर में बर्फबारी के साथ मैदानी राज्यों में बारिश और ओलावृष्टि से मौसम का मिजाज लगातार बदल रहा है। इसके चलते ठंड में इजाफा हो रहा है। वहीं, इसको लेकर India Meteorological Department (मौसम विभाग) के अधिकारियों का भी कहना है कि फरवरी के महीने में इतनी सर्दी होना असामान्य है, लेकिन सच यह है कि सर्दी मार्च तक जाएगी और लोगों को परेशान भी करेगी।

मौसम विज्ञानियों की मानें तो पश्चिमी विक्षोभ के चलते ही पहाड़ों पर बड़े पैमाने पर बर्फबारी देखने को मिली है। इसके चलते उत्तर और मध्य भारत में तापमान अपेक्षाकृत कम रहा है। मौसम विभाग के मुताबिक, इस साल मार्च के पहले सप्ताह तक सर्दी का मौसम जारी रह सकता है। एक मार्च को आखिरी पश्चिमी विक्षोभ के चलते उत्तर भारत में सर्दी बढ़ सकती है और ऐसा मौसम कई दिनों तक बना रह सकता है।

इस बार मार्च तक जारी रहेगा सर्दी का मौसम

मौसम विभाग से जुड़े वैज्ञानिकों की मानें तो जाहिर इस महीने इतनी सर्दी होना असामान्य है। वैज्ञानिकों का कहना है कि मौसम में इस बदवाल की बड़ी वजह पश्चिमी विक्षोभ है। इसके चलते ही पहाड़ों पर बड़े पैमाने रुक-रुक पर बर्फबारी देखने को मिल रही है। इसके असर से उत्तर और मध्य भारत में तापमान में कमी जारी है।

वेस्टर्न डिस्टर्बन्स (Western Disturbance) क्या है?

वेस्टर्न डिस्टर्बन्स (Western Disturbance) जिसको पश्चिमी विक्षोभ भी बोला जाता है, भारतीय उपमहाद्वीप के उत्तरी इलाक़ों में सर्दियों के मौसम में आने वाले ऐसे तूफ़ान को कहते हैं जो वायुमंडल की ऊंची तहों में भूमध्य सागर, अटलांटिक महासागर और कुछ हद तक कैस्पियन सागर से नमी लाकर उसे अचानक वर्षा और बर्फ़ के रूप में उत्तर भारत, पाकिस्तान व नेपाल पर गिरा देता है। यह एक गैर-मानसूनी वर्षा का स्वरूप है जो पछुवा पवन (वेस्टर्लीज) द्वारा संचालित होता है।

Posted By: JP Yadav

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