नई दिल्ली, जेएनएन। खुद को आइएएस अधिकारी बताकर फर्जी चेक से एक लाख 40 हजार का मोबाइल खरीदने गए एक जालसाज को हौजखास थाना पुलिस ने गिरफ्तार किया है। ठग नोएडा सेक्टर- 15ए का निवासी अभय बहल है। दक्षिणी जिले के पुलिस उपायुक्त अतुल कुमार ठाकुर ने बताया कि 19 जून को एसआइ अमरिंदर सिं साउथ एक्सटेंशन पार्ट-2 इलाके में गश्त कर रहे थे, तभी उन्हें सूचना मिली की एक शख्स खुद को आइएएस अधिकारी बताकर फर्जी चेक से सैमसंग के शोरूम में मोबाइल खरीदने आया है। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर आरोपित को गिरफ्तार कर लिया।

आरोपित ने पूछताछ में बताया कि पहले उसने सैमसंग कंपनी का अधिकारी बनकर शोरूम में फोन कर बताया कि एक आइएएस अधिकारी मोबाइल लेने आने वाला है और चेक से भुगतान करेगा। इस बीच एक कर्मचारी ने जांच की तो पता चला कि फोन करने वाला व्यक्ति सैमसंग का अधिकारी नहीं है और इस संबंध में पुलिस को सूचित कर दिया। शाम को जब ठग शोरूम पहुंचा और फर्जी चेक दिया तो पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। जांच में पता चला कि वह नोएडा में भी खुद को वरिष्ठ अधिकारी बताने के मामले में गिरफ्तार हो चुका है।

मोबाइल टावर के उपकरण की तस्करी करने वाले दो धरे

दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा ने मोबाइल टावर में लगने वाले जरूरी उपकरणों की तस्करी करने के आरोप में दो लोगों को गिरफ्तार किया है। दोनों आरोपितों की पहचान बैंगालुरू निवासी गिरीश डीके व आंध्र प्रदेश के विजय नगर निवासी त्रिलंगी शंकर राव के रूप में हुई हुई। अतिरिक्त पुलिस आयुक्त शिबेश ¨सह ने बताया कि अपराध शाखा की एसटीएफ को सूचना मिली थी कि दिल्ली के विभिन्न इलाकों से भारी मात्रा में मोबाइल टावर से उपकरण चोरी हो रहे हैं। पुलिस टीम को इस तरह की 50 एफआइआर की जानकारी मिली। मामले की जांच के लिए एसीपी पंकज ¨सह के देखरेख में इंस्पेक्टर विकास राणा ने नेतृत्व में पुलिस टीम ने जांच शुरू की। जांच के दौरान पुलिस टीम ने उपकरणों की तस्करी करने वाले गिरोह की जानकारी जुटाई।

एक सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने सीलमपुर इलाके से गिरीश डीके व त्रिलंगी शंकर राव का गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने इनके पास से भारी मात्रा में मोबाइल टावर के जरूरी उपकरण मिले। पूछताछ में आरोपितों ने बताया कि वह विशाखापट्नम में चोरी के मोबाइल टावर के उपकरणों की खरीद व बिक्री करने वाली कंपनी भारती टेले वर्किंग प्राइवेट लिमिटेड में काम करते है। दोनों आरोपित चोरी के उपकरणों को कंपनी तक पहुंचाने का काम करते थे।

 

Edited By: Mangal Yadav