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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Feb 12, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Lok Sabha Elections 2024: AAP-Cong के रास्ते होंगे अलग? केजरीवाल के बयान से I.N.D.I.A. में खलबली

By V K Shukla Edited By: Geetarjun
Published: Mon, 12 Feb 2024 06:55 PM (IST)

Lok Sabha Elections 2024 मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल (Delhi CM Arvind Kejriwal) के पंजाब में दिए गए दिल्ली की सातों लोकसभा ...और पढ़ें

केजरीवाल के बयान से INDI गठबंधन में गरमाई राजनीति।
केजरीवाल के बयान से INDI गठबंधन में गरमाई राजनीति।

HighLights

  1. केजरीवाल ने पंजाब में कहा है कि दिल्ली में उनकी पार्टी सातों सीटें जीतेगी।
  2. मगर केजरीवाल के बयान पर सफाई देती दिखी आप।
  3. लगाए जा रहे कयास, दिल्ली में दोनों दलों के अपने-अपने हो सकते हैं रास्ते।

वीके शुक्ला, नई दिल्ली। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल (Delhi CM Arvind Kejriwal) के पंजाब में दिए गए दिल्ली की सातों लोकसभा सीटें आम आदमी पार्टी द्वारा जीतने के बयान पर दिल्ली में राजनीति गरमा गई है। विपक्षी इसे गठबंधन टूटने की संभावना से जोड़ रहे हैं, जबकि आप ने कहा कि उनकी पार्टी आई. एन. डी. आई गठबंधन (INDI Alliance) के साथ है।

पार्टी ने कहा है कि सीएम केजरीवाल का बयान दिल्ली में भाजपा की सातों सीटें हार जाने से संबंधित है। बहरहाल अटकलों का बाजार गरमा गया है, माना जा रहा है कि इस मामले में आप और कांग्रेस के बीच जल्द बैठक नहीं हुई तो दोनों दलों के अपने-अपने रास्ते हो सकते हैं।

दोनों पार्टियां अपना फायदा-नुकसान देख रहीं

राजनीतिक जानकारों की मानें तो भाजपा को हराने के लिए ये दोनों दल साथ-साथ आने की बात तो कर रहे हैं, मगर दोनों दल अपना लाभ और हानि का भी आंकलन कर रहे हैं। कांग्रेस चाह रही है कि लोकसभा में आप के साथ गठबंधन हो तो उसे नुकसान नहीं बल्कि राजनीतिक रूप से लाभ हो, जबकि आप इस आंकलन को लेकर बैठी हुई है कि इस गठबंधन से उसे किसी तरह का राजनीतिक नुकसान न हो।

दिमाग से चल रही दोस्ती

यही कारण है कि दोनों दल गठबंधन के लिए आगे तो बढ़ रहे हैं मगर सतर्क भी हैं। दूसरे शब्दों में कहें तो यह दोस्ती दिल से नहीं दिमाग से की जा रही है, इसलिए इसमें देर हो रही है। सात में से दोनों दल चार-चार सीटें मांग रहे हैं।

पंजाब में दोनों पार्टियों ने तस्वीर की साफ

आम आदमी पार्टी (AAP) चाहती है कि जल्द ही इस बारे में बैठक हो फैसला लिया जाए, मगर कांग्रेस की ओर से बैठक के लिए देरी की जा रही है। इसी बीच पंजाब में कांग्रेस और आप ने लोकसभा की सभी 13 सीटों पर अलग-अलग चुनाव लड़ने का फैसला ले लिया।

दिल्ली को लेकर भी दिया केजरीवाल ने बयान

इसके बाद रविवार को मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने पंजाब में दिल्ली को लेकर यह बयान भी दे दिया है कि दिल्ली की जनता दिल्ली की सभी सातों सीटों पर आप को जिताने के लिए तैयार है। उन्होंने अपने बयान ने कहीं भी दिल्ली में कांग्रेस से गठबंधन का जिक्र नहीं किया और न ही गठबंधन की बात की।

क्या हो सकते हैं बयान के मायने

उनके इस बयान के अलग-अलग अर्थ लगाए जा रहे हैं। राजनीतिक जानकार मान रहे हैं कि केजरीवाल ऐसे ही कुछ नहीं बोलते हैं, वह कोई भी बात दूर तक देख कर बोलते हैं। उनके बयान से साफ है कि कांग्रेस के साथ गठबंधन को लेकर सभी कुछ ठीकठाक नहीं है।

आप ने दी सफाई

उधर सीएम केजरीवाल के पंजाब में दिए गए बयान पर सोमवार को आम आदमी पार्टी सफाई देती नजर आई। आप के दिल्ली संयोजक गोपाल राय ने इस बारे में पूछे जाने पर कहा कि मुख्यमंत्री के बयान का आशय था कि दिल्ली में भाजपा सातों सीटें हारने जा रही है।

उन्होंने कहा कि दिल्ली में भाजपा की केंद्र सरकार जिस तरह से दिल्ली सरकार के काम रोक रही है। दिल्ली में भाजपा के सांसदों ने 10 सालों तक कोई काम नहीं किया है। इससे जनता भाजपा नाराज है। उन्होंने कहा कि आप आई. एन. डी. आई. (I. N. D. I. A) के साथ है।

मगर अब गठबंधन को लेकर देरी हो रही है, जल्द गठबंधन पर फैसला लेने की जरूरत है। सीटों पर फैसला होना है, चुनाव प्रचार को लेकर तैयारी होनी है। उन्होंने कहा कि इसे लेकर आगे की रणनीति के बारे में मंगलवार को पार्टी की पीएसी (राजनीतिक मामलों की समिति) की मंगलवार को फैसला लिया जाना है।

'भाजपा हार रही है सभी सीटें'

वहीं, सीएम के बयान पर कैबिनेट मंत्री सौरभ भारद्वाज ने सफाई दी कि सीएम के कहने मतलब था कि दिल्ली में आज जिस तरह का माहौल है, जनता आप के साथ है अगर इस समय चुनाव हो जाता है तो सातों सीटें आम आदमी पार्टी जीतेगी। उन्होंने कहा कि गठबंधन को लेकर कांग्रेस के साथ हमारी बातचीत जारी है।